बिना रिस्क की कमाई का बड़ा मौका! कई बैंक दे रहे 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.4प्र. तक ब्याज

व्यापार

एजेंसी, नई दिल्ली। अगर आप सुरक्षित और बिना किसी रिस्क के अच्छा रिटर्न कमाने की सोच रहे हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट आपके लिए इस समय बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है। बाजार की अनिश्चितता के बीच कई बैंक अभी भी 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.4प्र. तक का शानदार ब्याज दे रहे हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट कराने का इससे बेहतर मौका नहीं!
अगर आप कम जोखिम में सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाला निवेश ढूंढ रहे हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट इस समय बेहतरीन ऑप्शन बन चुका है। वजह यह है कि कई बैंक आम नागरिकों (60 साल से कम उम्र) के लिए 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.4प्र. तक की शानदार ब्याज दरें दे रहे हैं। ऐसे समय में जब मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ता जा रहा है, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ये रिटर्न आपकी बचत को सुरक्षित रखते हुए अच्छा मुनाफा दिला सकते हैं।

कौन दे रहा है सबसे ज्यादा ब्याज?
कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक अभी भी 1 साल की अवधि पर सबसे अट्रैक्टिव रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानें किस बैंक में कितना ब्याज मिल रहा है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: आम नागरिकों के लिए सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.4प्र. तक ब्याज दे रहा है। यह इस समय 1-वर्षीय अवधि पर सबसे ऊंची ब्याज दरों में से एक है।

जाना स्मॉल फाइनेंस : 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.25प्र. ब्याज दे रहा है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक : आम ग्राहकों को 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.25प्र. रिटर्न ऑफर कर रहा है।
इन सभी बैंकों में आप 3 करोड़ रुपये तक की फिक्स्ड डिपॉजिट बनवा सकते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस कब काटा जाता है?
बहुत से लोग यह भ्रम रखते हैं कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज हमेशा टैक्सेबल होता है। लेकिन असल में बैंक तभी टीडीएस काटता है जब आपकी किसी एक बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट से कुल ब्याज आय 1 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है। टीडीएस कोई अलग टैक्स नहीं है, इसे आप आईटीआर फाइल करते समय एडजस्ट या रिफंड के रूप में वापस पा सकते हैं।

क्या फॉर्म 15जी देकर टीडीएस बचाया जा सकता है?
हां, लेकिन इसके लिए दो शर्तें जरूरी हैं। आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी एनआईएल होनी चाहिए। जिस इनकम पर टीडीएस नहीं कटवाना चाहते, वह बेसिक छूट सीमा से कम होनी चाहिए।

बेसिक छूट लिमिट
पुराने टैक्स सिस्टम में 2,50,000 रुपये तक छूट है, जबकि नए टैक्स सिस्टम में 4,00,000 रुपये तक की छूट है। उदाहरण के लिए, यदि आपका कुल इनकम एनआईएल टैक्स बनाता है, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज 4 लाख से ज्यादा है (नया टैक्स रेजीम), तब आप फॉर्म 15जी जमा नहीं कर सकते। विशेषज्ञों के अनुसार केवल एनआईएल टैक्स लायबिलिटी होने से फॉर्म 15जी की अनुमति नहीं मिलती, बल्कि दोनों शर्तें पूरी होनी चाहिए।

Disclaimer: ये कोई निवेश सलाह नहीं है बल्कि सिर्फ एक जानकारी है। रुपये-पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।

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