एचडीएफसी की कैश वैन से 7 करोड़ की बड़ी लूट… आरबीआइ–आयकर अधिकारी बनकर दिनदहाड़े गिरोह ने दिखाया दुस्साहस 

कर्नाटक देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में बुधवार दोपहर एक दुस्साहसिक वारदात हो गई। यहां बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से 5 से 6 बदमाशों ने मिल कर एक बड़ी लूट को अंजाम दिया। बदमाश आयकर और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) अधिकारी बनकर आए और नकदी ले जा रही एक एटीएम वैन को दिन दहाड़े लूट कर फरार हो गए। दक्षिण बेंगलुरु के एक व्यस्त फ्लाईओवर पर हुई इस घटना में एटीएम वैन से करीब 7 करोड़ 11 लाख रुपए लूट लिए गए।

वैन में बंदूकधारी भी थे मौजूद
यह घटना दोपहर करीब साढें 12 बजे से एक बजे के बीच उस दौरान हुई जब सीएमएस सूचना प्रणाली नामक कंपनी की कैश वैन एचडीएफसी बैंक, जेपी नगर से 22 किलोमीटर दूर एचबीआर लेआउट जा रही थी। इस वैन में तीन बक्सों में कैश मौजूद था। यह वैन जब जयनगर दूसरा ब्लॉक, अशोक पिलर के पास पहुंची तभी एक छोटी कार हैचबैक कार, मारुति ज़ेन ने वैन को रास्तें में रोक दिया। इस दौरान वैन में ड्राइवर बिनोद कुमार के अलावा कैश संरक्षक आफताब और राजन्ना और तम्मैया नामक दो बंदूकधारी भी मौजूद थे।

नियम तोड़ने की बात कह कर वैन में बैठ कर्मचारियों को डराया
वैन के रुकने पर मारुति ज़ेन से तीन आदमी तेज़ी से बाहर निकल कर आए। तभी उनके पीछे-पीछे एक इनोवा और एक बड़ी गाड़ी भी वहां आकर रुकी। मारुति से उतरे तीनों बदमाश वैन की तरफ बढ़े और उन्होंने ड्राइवर को धमकाते हुए कहा कि, हम आरबीआइ के अधिकारी हैं। आपकी कंपनी के ख़िलाफ़ आरबीआइ के नियमों को तोड़ने की शिकायत मिली है। हमें आपके बयान रिकॉर्ड करने होंगे। उन्होंने कहा कि, वह वैन में बिना अनुमति इतनी बड़ी नकदी ले जाने की जांच करने आए है। सीएमएस स्टाफ ने इन धोखेबाजों पर आसानी से विश्वास कर लिया और वह अपने हथियार छोड़ एमयूवी गाड़ी में जाकर बैठ गए।

वैन और उसमें बैठे कर्मचारियों को अलग अलग किया
इसके बाद बदमाशों ने वैन के ड्राइवर को डेयरी सर्कल फ्लाईओवर जाकर आरबीआई अधिकारियों का इंतजार करने को कहा। यह जगह जहां वैन रोकी गई उससे तीन किलोमीटर दूर थी। अधिकारी होने का नाटक कर रहे बदमाशों की बात मान कर ड्राइवर आगे बढ़ने लगा और वैन के अन्य कर्मचारियों को लेकर एमयूवी गाड़ी उनके पीछे चलने लगी। इसके बाद निमहांस जंक्शन पर पहुचकर, एमयूवी वहीं रुक गई और बदमाशों ने उसमें बैठे वैन के अन्य कर्माचारियों को उतरने के लिए कहा। उन्होंने उनसे कहा कि, तुम पुलिस स्टेशन आओ वहीं पर तुम्हारा बयान लिया जाएगा, लेकिन उससे पहले कैश को हमे आरबीआइ लेकर जाना है।

बंदूकधारी की मौजूदगी में हुई घटना
यह सुन कर बाकि कर्मचारी सिद्धपुरा पुलिस स्टेशन की तरफ बढ़ने लगे, जबकि वैन का ड्राइवर डेयरी सर्किल फ्लाईओवर पर पहुंच कर इंतजार करने लगा। इसके बाद बदमाश वहां पहुंच और बंदूक की नोंक पर जांच का नामक लेकर वैन से कैश बॉक्श को मारुती गाड़ी में रखा लिया। इसके बाद सभी बदमाश मारुती में सवार होकर कुछ ही पलों में मौके से फरार हो गए और अपनी एमयूवी गाड़ी और कैश वैन को वहीं छोड़ दिया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच वैन को कब्जे में लिया। बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि, वैन के कर्मचारियों ने हमें घटना की जानकारी करने में कुछ देरी कर दी थी। उन्होंने आगे कहा, दो पुलिस उपायुक्त और एक संयुक्त आयुक्त मामले को सुलझाने के लिए आठ विशेष टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं।

कई दिनों से चल रही थी लूट की तैयारी
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि लूट को कई दिन पहले से योजनाबद्ध किया गया था। लुटेरे एटीएम वैन की मूवमेंट पर नजर रख रहे थे। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने वैन का पिछला दरवाजा खोलकर नकदी व्यवस्थित रूप से अपनी कार में रखी। पुलिस को अंदरूनी मिलीभगत का संदेह है। वैन चालक ने पुलिस को सूचना देने में देरी की और बयान भी बदलता रहा। सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। इसके साथ ही सवाल उठ रहा है कि वैन में मौजूद हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लुटेरों के सामने निष्क्रिय क्यों रहे।

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