एजेंसी, जयपुर। राजधानी जयपुर में बम ब्लास्ट की धमकी भरे ईमेल मिलने के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। अब राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते के जरिए चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। हालांकि, जांच में कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस तय प्रक्रिया के अनुसार मामले की जांच में जुटी है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) राजीव पचार ने बताया कि शुक्रवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ईमेल आईडी पर आए एक ईमेल में हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
बम निरोधक दस्ते-डॉग स्क्वॉड से तलाशी : जानकारी मिलने पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। हाईकोर्ट परिसर को खाली करवाकर चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई। इस दौरान एम्बुलेंस और दमकल वाहनों को भी अलर्ट पर रखा गया। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया।
जांच में नहीं मिली संदिग्ध वस्तु : अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कड़ी जांच के बाद भी पूरे परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। बम ब्लास्ट की धमकी मिलने के मामलों में जांच के लिए एसओपी तय की गई है। उसी के अनुसार आगे मामले की जांच की जा रही है। जिस मेल आईडी से धमकी भरा ईमेल आया है, उसके आईपी एड्रेस के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले भी आए बम से उड़ाने की धमकी के मामले : पिछले दिनों में जयपुर में कई संस्थानों, स्कूल, कॉलेज और कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले कई बार अलग-अलग कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके अलावा कई निजी अस्पतालों और स्कूलों को भी कई बार बम से उड़ाने की धमकीभरे ईमेल मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को भी लगातार कई दिनों तक बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल चुकी है। हालांकि, इन सभी मामलों में तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
17 साल पहले दहल चुका है शहर : जयपुर शहर में आज से 17 साल पहले 13 मई, 2008 को सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत होने के साथ ही कई लोग घायल हुए थे। बम धमाके की हर धमकी के बाद शहरवासियों के जेहन में यह घटना ताजी हो जाती है।


