इंफाल|मणिपुर में हिसा को लेकर सरकार सख्त हो गई है। शुक्रवार को प्रशासन ने दंगाइयों पर नियंत्रण के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य के सभी सभी जिलाधिकारियों, उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए। जिसके प्रशासन ने दंगा प्रभावित इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल और आरएफ के जवानों की तैनाती की गई है। मणिपुर में हिंसा पर काबू पाने के लिए सरकार ने अब राज्य में 'शूट एट साइट' यानी दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन सरकार ने इसके लिए शर्ते लगाई हैं। ये आदेश तभी लागू होगा जहां दंगाइयों पर नियंत्रण के लिए चेतावनी, समझाइश के बाद बल प्रयोग से भी स्थिति नियंत्रण में ना आई हो। राज्य में मैतेई समुदाय को एसटी कैटेगरी में शामिल करने के खिलाफ एक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ने मार्च किया था। जिसमें भड़की हिंसा ने उग्र रूप ले लिया है। मणिपुर के कई जिलों में हिंसा के पर नियंत्रण के लिए कर्फ्यू लगा दिया गा था। पूरे राज्य में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा स्थगित है। राज्य में स्थिति तनावपूर्ण है। हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए राज्य के कई जिलों में सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।


