एजेंसी, यूएई, नई दिल्ली| सऊदी अरब और परमाणु ताकत से लैस पाकिस्तान ने बुधवार को एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए एक औपचारिक आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते को लेकर दोनों देशों की सरकारों ने साफ कर दिया है कि यह केवल कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा रणनीति की दिशा तय करने वाला एक ठोस कदम है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में दो टूक कहा गया है कि अगर किसी तीसरे देश की ओर से सऊदी अरब या पाकिस्तान पर हमला होता है, तो इसे दोनों देशों के खिलाफ आक्रमण माना जाएगा. यानी अब अगर कोई एक देश पर हमला करता है, तो दूसरा देश उसके बचाव में खड़ा होगा.
रियाद यात्रा के दौरान हुआ समझौता
यह अहम समझौता तब हुआ जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रियाद की राजकीय यात्रा पर पहुंचे. वहाँ अल-यममाह पैलेस में उनका गर्मजोशी से स्वागत खुद सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने किया. इसके बाद दोनों नेताओं की मौजूदगी में ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ पर औपचारिक हस्ताक्षर हुए. यह समझौता दशकों से चली आ रही भाईचारे और इस्लामी एकजुटता की साझेदारी को नई मजबूती देता है.
सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता भारत के लिए राष्ट्रीय चिंता का विषय.. कांग्रेस ने पीएम मोदी की कूटनीति पर उठाए सवाल
एजेंसी, नई दिल्ली | कांग्रेस ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद गुरुवार को दावा किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रचारित व्यक्ति-केंद्रित कूटनीति के लिए एक और झटका है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल के कुछ घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। पाकिस्तान-सऊदी अरब के एक संयुक्त बयान के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि दोनों देशों में से किसी के भी विरुद्ध किसी भी तरह के हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा।
मुनीर को लेकर क्या बोले जयराम रमेश?
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने के एक महीने बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लंच पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मेजबानी की। मुनीर वही व्यक्ति है, जिसके भड़काऊ, उकसावे भरे, और साम्प्रदायिक जहर घोलने वाले बयानों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए क्रूरतम आतंकी हमलों को ऑक्सीजन प्रदान की।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री की बहुचर्चित चीन यात्रा के कुछ ही दिनों बाद, राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के लिए चीन के गुप्त सैन्य परिसर के दरवाजे खोल दिए। अब, सऊदी अरब, जहां 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमलों के समय प्रधानमंत्री मौजूद थे, ने पाकिस्तान के साथ एक ‘‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा’’ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।’’
भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय..
रमेश ने कहा कि यह सब निश्चित रूप से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है, ‘‘कांग्रेस इस पर गहरी चिंता व्यक्त करती है और इसे हमारे प्रधानमंत्री की बहुप्रचारित व्यक्ति-केंद्रित कूटनीति के लिए एक और झटका मानती है।’’


