भोपाल। मध्य प्रदेश में मंगलवार को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया जा रहा है। राज्यस्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में भोपाल, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और रायसेन जिले की लाड़ली लक्ष्मी बेटियां शामिल हुई, जिनसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाद किया। गौरतलब है कि राज्य सरकार की तरफ से प्रतिवर्ष 2 मई को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया जाता है। ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक आज को यह उत्सव मनाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम शिवराज ने फूलों की वर्षा कर बेटियों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज के अलावा चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक कृष्णा गौर, महापौर मालती राय समेत अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।
09 से 15 मई तक होंगे कार्यक्रम…….. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज ने लाड़ली लक्ष्मियों से संवाद करते हुए कहा कि मेरी मां भी मुझे ज्यादा प्यार करती थी और बहन को कम। इस तरह भेदभाव होता था। उन्होंने कहा कि जब सीएम बना था, तभी सोच लिया था कि प्रदेश की धरती पर लाड़ली लखपति हो पैदा होगी। ये लाडली लक्ष्मी योजना का प्रभाव ही है कि आज प्रदेश में एक हजार लड़कों और 956 लड़कियों का जन्म हो रहा है। सीएम ने कहा कि लाड़ली बेटियों की आइआइटी, एनएलआ इयू, प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि 9 मई से 15 मई तक विभिन्न कार्यक्रम लाडली लक्ष्मी उत्सव के तहत आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के 16 साल पूरे होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मेरी लाड़ली बेटियो, आज मैं बहुत खुश हूं इस योजना ने मेरी लाखों बेटियों की जिंदगी बदलने का काम किया है। इस कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट उपलब्धियां अर्जित करने वाली लाड़ली बेटियों और लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों को सम्मानित भी किया गया। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव कार्यक्रम का संचालन लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया गया। जिले में लाड़ली लक्ष्मी पथ को सुसज्जित किया गया है। कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी के साथ उनके अभिभावक भी जुड़े हैं।
मिसाल कायम करना चाहती है प्रदेश की पहली लाड़ली अदीबा
प्रदेश की पहली लाड़ली अदीबा के मन में आगे पढ़ने और भविष्य में कुछ कर गुजरने की चाहत है। पारिवारिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद मन में ऊंची उड़ान की ललक है। रायसेन जिले की गौहरगंज निवासी अदीबा ने हाल ही में 10वीं की परीक्षा दी है। वह ओबेदुल्लागंज के एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ाई कर रही है। वे कहती हैं हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मेरे पिता एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उसमें मेरा भाई भी काम करता है। दोनों जो कुछ मिलकर कमाते हैं उससे किसी तरह से घर का खर्च चल जाता है। मैं लाड़ली बेटी हूं इसलिए मेरी पढ़ाई पर होने वाले खर्च की घर वालों को कोई चिंता नहीं है। मैं पढ़ लिखकर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती हूं। अदीबा के भाई दानिश कहते हैं कि जब वह कालेज में प्रवेश लेगी तो उसकी फीस की हमें अब चिंता नहीं है क्योंकि इस खर्च भी शिवराज सरकार उठाएगी। भविष्य में उसके निकाह को लेकर भी परिवार निश्चिंत है।


