आईटी के क्षेत्र में भी मोहन सरकार का डंका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

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मामला कृषि का हो या फिर उद्योगों का, मध्य प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अनेक मामलों में मध्य प्रदेश ने उन राज्यों को भी पीछे धकेला है जो पारंपरिक रूप से क्षेत्र विशेष में दशकों से महारत हासिल किए हुए थे । लेकिनअब मध्य प्रदेश ने आईटी के क्षेत्र में भी मजबूत कदम आगे बढ़ा दिए हैं। फल स्वरुप उम्मीद की जाने लगी है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश आईटी का स्थापित हब बनने जा रहा है। इससे एक ओर तकनीकी छात्रों की उड़ान को पर मिलेंगे, साथ में इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी का साथ मिलने से उद्योग, सुरक्षा, कृषि आदि क्षेत्रों में भी तरक्की के नए द्वार खुलेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित टेक ग्रोथ कांक्लेव का कार्यक्रम आयोजित करके इस महत्वपूर्ण परियोजना की विधिवत शुरुआत कर दी है । उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में टेक ग्रोथ कॉनक्लेव का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ो कंपनियों के लगभग 500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया‌। सबसे खास बात यह रही की मुख्यमंत्री ने आयोजन में मौजूद रहकर अनेक औद्योगिक प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा भी की। उन्होंने आईटी के क्षेत्र में हर संभव सुविधा प्रदान करने का वादा करके यह स्पष्ट कर दिया कि केवल राजस्व और राजनीति के लिए यह काम नहीं किया जा रहा है, बल्कि अब मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में महारत हासिल करना चाहता है और देश के विकास में अहम भूमिका निभाने आगे बढ़ चला है । इस दौरान कार्यक्रम में टेक डेस्टिनेशन पर एक फिल्म भी दिखाई गई। इसके माध्यम से कार्यक्रम में भाग लेने वाले औद्योगिक प्रतिनिधियों को यह समझाने का प्रयास हुआ कि मध्य प्रदेश में आईटी को लेकर भविष्य कितना उज्जवल है और यहां प्रोजेक्ट स्थापित करने के सुनहरे अवसर उपलब्ध बने हुए हैं। इसे कॉनक्लेव की कामयाबी ही कहा जाएगा कि आयोजन के दौरान अनेक कंपनियों ने एम ओ यू भी साइन किये । ऐसा करके यह प्रतिपादित किया गया कि जल्दी ही मध्य प्रदेश के इंदौर महानगर में आईटी कंपनियां नए प्रोजेक्ट स्थापित करने जा रही हैं । महत्वपूर्ण उपलब्धि यह भी कहीं जा सकती है कि इस टेक ग्रोथ कॉनक्लेव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रस्तुतीकरण किया गया। फल स्वरुप इसे मध्य प्रदेश के अलावा भी देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेश में बैठे उद्योगपति भली भांति देख समझ पाए। यहां एक बात स्पष्ट कर दें कि अभी तक आईटी के क्षेत्र में पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद का एक छत्र राज्य स्थापित है। लेकिन अब इंदौर इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्दी ही कि जल्दी ही इंदौर का आईटी सेंटर देश भर में केंद्र बिंदु बनने जा रहा है। यह तो सभी जानते हैं कि इस क्षेत्र में आईटी पार्क का पहला दूसरा चरण सफलतापूर्वक पूर्णता को प्राप्त हो चुका है। इसी से उत्साहित होकर अब एमपीआईडीसी आईटी पार्क के तीसरे चरण का शुभारंभ करने जा रही है। इसके अलावा एक आईटी पार्क प्रदेश का आईटी विभाग भी स्थापित करने में जुड़ चुका है । मध्य प्रदेश शासन ने इस कार्य के लिए 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराकर यह स्पष्ट कर दिया है कि तरक्की की राह में कोई भी बाधा आड़े नहीं आने दी जाएगी। प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि निवेश करने वाले लोग अपनी इच्छा के अनुरूप सुविधा अनुसार निर्माण कर सकें और अपनी कंपनियों की स्थापना कर पाएं। इस कार्य में मध्य प्रदेश शासन के संबंधित विभाग कंपनियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तत्पर रहेंगे। आईटी टेक ग्रोथ कौन्क्लेब को लेकर मुख्यमंत्री इतने उत्साहित नजर आए कि उन्होंने यह दावा भी जाता दिया कि इस कार्यक्रम ने देश दुनिया के टेक दिग्गजों के लिए निवेश का स्वर्णिम अवसर उपलब्ध करा दिया है। उन्होंने खुलासा किया कि प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का यह पहला सेक्टर आधारित एक कांक्लेव आयोजित हुआ जो ग्लोबल इन्वेस्टर सबमिट में आए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर साकार करने का मंच साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों से इसलिए भी भरोसेमंद हुआ जा सकता है, क्योंकि कार्यक्रम में केवल भाषण बाजी ही नहीं हुई बल्कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आईटी पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स, स्टार्टअप इनक्यूबेटर आदि सेंटर्स के भूमि पूजन भी किये । इसके साथ-साथ उन्होंने सेंटर आफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेशन हब, इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल के शुभारंभ भी किये । इनके माध्यम से ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत करने समझने और समझाने की प्रक्रिया और भी अधिक आसान होने जा रही है। यदि शासकीय अधिकारियों और संबंधित विभाग के जमीनी अमले का रुख सकारात्मक ही बना रहा तो फिर यह उम्मीद की जा सकती है कि अब मध्य प्रदेश की प्रतिभाओं को अन्य राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। आईटी के क्षेत्र में पढ़ाई करने और नौकरी करने के लिए भी यहां के युवाओं को अनेक स्वर्णिम अवसर प्राप्त होने जा रहे हैं।

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