जाति जनगणना कांग्रेस के लिए वोट बैंक का जरिया, भाजपा करेगी विकास

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सहित भाजपा के अनेक नेताओं ने दावा किया है कि जाति जनगणना कांग्रेस के लिए केवल वोट बैंक का जरिया मात्र रही है। लेकिन भाजपा और उसकी सरकार जाति जनगणना उन लोगों के विकास के लिए कर रही है, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े रह गए हैं। ज्ञात ही है कि भाजपा नीत केंद्र सरकार की कैबिनेट द्वारा जाति जनगणना कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार निकट भविष्य में होने वाली जनगणना के दौरान सर्वेक्षण पत्रक में एक कोलम जाति का भी शामिल किया जाएगा। जिसमें सर्वेक्षण के दौरान व्यक्ति की जाति भी लिखी जा सकेगी। इस घोषणा के बाद जाति जनगणना का श्रेय लेने की होड़ राजनीतिक दलों और नेताओं में मची हुई है। इंडी गठबंधन दावा कर रहा है कि लंबे समय से उसके द्वारा यह मांग उठाई जा रही थी। जबकि भाजपा अथवा एनडीए सरकार इसके पक्ष में नहीं रहे। खासकर कांग्रेस का दावा है कि वह लगातार जाति जनगणना की मांग को उठाती रही है। उसी के द्वारा बनाए गए दबाव के चलते केंद्र सरकार को मजबूरी वश जाति जनगणना का निर्णय लेना पड़ गया है। इसके जवाब में भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह निर्णय किसी दबाव के चलते नहीं लिया गया है। बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हुए लोगों का विकास करना ही भाजपा की हमेशा मंशा रही है। यही कारण है कि हमारी केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने बीते सालों में ऐसे लोगों के विकास के लिए एक के बाद एक अनेक निर्णय लिए हैं। खासकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से ही सबका साथ, सबका विश्वास और सबके विश्वास की बात करते रहे हैं‌। जाति जनगणना उनकी इसी कार्य शैली का नतीजा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस जाति, पंथ और समुदाय के नाम पर लोगों में फूट डालने का काम करती रही है। उसने जाति व्यवस्था को हमेशा से ही वोट बैंक मजबूत करने के रूप में इस्तेमाल किया है। यही वजह है कि जिन-जिन राज्यों में कांग्रेस का शासन रहा और जब-जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आई, तब तब जाति और संप्रदाय आधारित दंगे सैकड़ो की संख्या में होते रहे। इनमें अनेक लोगों की जानें गईं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का दावा है कि इसीलिए कांग्रेस और उसकी सरकारों ने कभी भी जाति जनगणना नहीं कराई, हां यह बात और है कि वह जब जब सत्ता से बाहर हुई तभी उसने जाति जनगणना का भोंपू बजाया और स्वयंको पिछड़ों दलितों का मसीहा बताकर खुद का महिमा मंडन करती रही। जबकि आम आदमी का भला करना कांग्रेस का लक्ष्य कभी रहा ही नहीं। डॉक्टर मोहन यादव ने बताया है कि इसके उलट भाजपा ने हमेशा आम आदमी का भला सोच है और किया भी है। उसकी इसी सोच के चलते अब देशभर में जाति जनगणना शुरू होने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल बातें नहीं करते। वह जो कुछ कहते हैं वह करके भी दिखाते हैं। यही कारण है कि देश की जनता उन पर विश्वास करती है और लगा तार केंद्र में भाजपा की सरकार को स्थापित करती चली आ रही है‌। इसी विश्वास के बूते पर केंद्र में भाजपा की सरकार लगातार तीसरी बार स्थापित हो चुकी है । भविष्य में भी कांग्रेस के सत्ता में आने के अवसर धूमिल दिखाई देते हैं। यही वजह है कि उक्त पार्टी और उसके नेतागण अपना मानसिक संतुलन खोते जा रहे हैं ‌ यही कारण है कि कांग्रेस को हर मौके में केवल और केवल राजनीतिक लाभ हानि ही दिखाई पड़ता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि इतना पतन होने के बाद भी कांग्रेसी सुधरने का नाम नहीं ले रहे। उन्हें समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। इससे जनता का भला तो होगा ही, खुद कांग्रेस के लिए भी नए बदलाव लाभदायक सिद्ध होंगे। उन्होंने पुनः दोहराया है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाति जनगणना की बात की है तो अब यह निश्चित हो चला है कि आगामी जनगणना के दौरान देश में जाति जनगणना भी अंजाम को प्राप्त होने जा रही है। इसके तुरंत बाद आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों का उद्धार होना तय है। कुल मिलाकर जातिगत जनगणना की घोषणा ने देश भर में राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। जाहिर है जैसे-जैसे समय नजदीक आएगा और जाति गणना शुरू होगी, वैसे-वैसे राजनीति का पारा चढ़ने वाला है। देखना दिलचस्प रहेगा की विपक्षी नेता इस घोषणा को लेकर भविष्य में और कौन-कौन से गुल खिलाते हैं।

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