मुंबई| सपा के महाराष्ट्र प्रमुख और विधायक अबू आजमी को मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ करना भारी पड़ गया है। क्रूर शासक की प्रशंसा करने पर उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले पर आज महाराष्ट्र की विधानसभा और विधानपरिषद में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, औरंगजेब की तारीफ करने वाले को जेल भेजा जाएगा।
विधान परिषद में आज विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने अबू आजमी की गिरफ्तारी पर सवाल पूछा, जिस पर सीएम फडणवीस ने कहा कि 100 प्रतिशत उन्हें जेल में डाला जाएगा। इस मामले में अबू आजमी के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को सदन में अबू आसिम आजमी के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया गया।
जिसके बाद आजमी को मौजूदा बजट सत्र के खत्म होने तक महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। राज्य विधानमंडल का बजट सत्र 26 मार्च को समाप्त होगा। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि औरंगजेब की प्रशंसा में बयान देना मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान है। अबू आजमी अभी मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से सपा विधायक हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में अबू आजमी को देशद्रोही तक कह दिया था और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। सत्तापक्ष के नेता सपा विधायक के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीँ, औरंगजेब पर दिए गए बयान को लेकर विपक्ष ने भी आजमी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस बयान पर मचा बवाल
सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा तक पहुंच गई थी। देश का जीडीपी विश्व की जीडीपी का 24 प्रतिशत था और भारत को औरंगजेब के शासनकाल के दौरान सोने की चिड़िया कहा जाता था। हालांकि विवाद बढ़ता देख सपा नेता ने अपना बयान वापस ले लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी मुश्किलें कम नहीं हो रही है। उनके मुंबई के कोलाबा स्थित घर के बाहर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
शिवाजी महाराज का अपमान नहीं किया- अबू आजमी
अपने बयान पर विवाद बढ़ता देख सपा विधायक अबू आजमी ने सफाई दी। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा, “मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। औरंगजेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकरों और लेखकों ने कहा है। मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरषों के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन फिर भी मेरी इस बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द, अपना बयान वापस लेता हूं। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए अबू आजमी ने अपने औरंगजेब वाले बयान पर कहा “मैंने कोई बयान अपनी मर्ज़ी से नहीं दिया। मुझ से किसी रिपोर्टर ने पूछा कि असम के मुख्यमंत्री, राहुल गांधी की तुलना औरंगजेब से कर रहे हैं। मैंने वही कहा जो हमारे इतिहासकारों ने लिखा और बोला है। मैंने उनके नाम बताए हैं।” महाराष्ट्र में सपा विधायक अबू आजमी के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियसत की सरगर्मी तेज हो गई है। सीएम योगी ने विधानपरिषद में सपा विधायक पर जमकर हमला बोला।
“उस कमबख्त को निकालो पार्टी से बाहर और यूपी भेज दो, बाकी उपचार हम करवा देंगे…” अबू आजमी के बयान पर भड़के मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ| महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान के बाद उत्तर परदेश की राजनितिक सरगर्मी बढ़ गई है। बजट सत्र के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश विधानपरिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और अबू आजमी पर जमकर हमला बोला। उत्तर प्रदेश के बजट सत्र के आखिरी दिन सीएम योगी विधानपरिषद को संबोधित कर रहे थें। सीएम योगी ने अबू आजमी के बयान पर कहा, “समाजवादी पार्टी का नेता आपका विधायक। घोषणा करो न उस कम्बख्त को निकालो पार्टी से और उसको एक बार यूपी भेज दीजिये बाकी उपचार हम अपने-आप करवा लेंगे।
“क्या अबू आजमी को भारत में रहना चाहिए ?”
सीएम योगी ने आगे कहा कि वह व्यक्ति छत्रपति शिवाजी की परंपरा पर गौरव की अनिभूति करने के बजाय लज्जा महसूस कर रहा हो और औरंगजेब को अपना नायक मान रहा हो क्या उसको भारत के अंदर रहने का अधिकार होना चाहिए क्या?
सपा पर साधा निशाना
सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए। एक तरफ आप कुंभ को कोसते रहे और दूसरी तरफ औरंगजेब जैसे दुष्ट और क्रूर धर्मांत मंदिरों को तोड़ने वाले व्यक्ति को, भारत की आस्था को निर्ममता के साथ रौंदने वाले व्यक्ति का महिमामंडन करते हो आखिर कौन सी ऐसी नस आपकी दबी हुई है किआपलोग अपने उस व्यक्ति पर अपने विधायक पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।


