लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को वित्त वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट सनातन संस्कृति की सर्वे भवन्तु सुखिनः की अवधारणा के अनुरूप गरीब, अन्नदाता किसान, युवा और महिला उत्थान को समर्पित है। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बाद में विधान भवन के तिलक हाल में संवाददाताओं से बातचीत में आदित्यनाथ ने बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2025-26 का यह बजट सनातन संस्कृति की सर्वे भवन्तु सुखिनः की अवधारणा के अनुरूप गरीब, अन्नदाता किसान, युवा और महिला उत्थान को समर्पित है। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करते हुए ‘वंचित को वरीयता इस बजट का केंद्रीय भाव है।’ उन्होंने कहा कि 2025 का बहुत महत्व है, जो भारतीय संविधान के कार्यान्वयन और जनवरी, 1950 में उत्तर प्रदेश की स्थापना के अमृत महोत्सव दोनों को चिह्नित करता है। उन्होंने कहा, “शानदार 75 साल की यात्रा के साथ, यह एक महत्वपूर्ण बजट है जो राज्य के भविष्य की रूपरेखा तैयार करता है और अगले 25 वर्षों की योजनाओं का आधार तैयार करता है।’’
योगी ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “इस अवसर पर मैं बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके नाम पर हमारी डबल इंजन सरकार लखनऊ में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना कर रही है। यह केंद्र संविधान में बताए गए वंचितों को प्राथमिकता देने के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में काम करेगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि नव स्थापित केंद्र डॉ. आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में संवैधानि क भावना को लागू करने के लिए एक मंच बनाने का महत्वपूर्ण संस्थान होगा। आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2024-25 के बजट के सापेक्ष 2025-26 के बजट में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बजट के आकार में यह बढ़ोतरी राज्य के सामर्थ्य के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 में प्रदेश कीका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 12.89 लाख करोड़ रुपये था, जिसके 2024-25 में बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का यह नौवां बजट है।
यह बजट नहीं ‘बहुत बड़ा ढोल’ है… बुनकर और हथकरघे खामोश हो गए, यूपी सरकार पर भड़के अखिलेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा गुरुवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025—26 के लिये प्रस्तुत बजट को ‘बड़ा ढोल’ करार देते हुए कहा कि इसमें आवाज तो बहुत है मगर यह अंदर से खाली है। यादव यहां बजट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने बजट को समाज के तमाम वर्गों के लिए निराशाजनक करार देते हुए कहा, ”यह बजट नहीं बड़ा ढोल है, जिसमें आवाज तो बहुत है मगर यह अंदर से खाली है। यह खोखला है। इस बजट का झोला खाली है। जनता को लग रहा है कि बजट आया ही नहीं है। वह पूछ रही है कि प्रवचन तो आ गया लेकिन बजट कब आएगा?” उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”बजट देखकर किसानों की उम्मीदों का खेत सूख गया है। बजट देखकर महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और बढ़ गई हैं। बजट देखकर बेरोजगारों की आंखों के सामने अंधेरा छा गया है, व्यापारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गई है।”

अखिलेश यादव ने भाजपा विधायकों और मंत्रियों पर तंज करते हुए कहा, ”जो वहां (विधानसभा सदन में) मेजें पीट रहे थे, बजट देखकर भाजपा के उन मंत्रियों और विधायकों के गले सूख गए हैं क्योंकि अपने विभागों और विधानसभा क्षेत्रों में तो उन्हें ही महंगाई और बेरोजगारी के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें गुस्से का भी सामना करना पड़ेगा क्योंकि अंततोगत्वा विधायकों और मंत्रियों को ही जनता का सामना करना पड़ता है। वह महंगाई का और बेरोजगारी का क्या जवाब देंगे?” उन्होंने कहा, ”बजट देखकर बुनकरों का ताना-बाना रुक गया है और हथकरघे खामोश हो गए हैं। बजट देखकर जनता पूछ रही है कि जुमला मंत्रालय के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है।” अखिलेश यादव ने किसी का नाम लिये बगैर कटाक्ष किया, ”हालांकि अंग्रेजी की एक कहावत है कि साइलेंस इज गोल्ड। जब हम संस्कृत में उससे मिलती-जुलती उक्ति बोलें तो उसका मतलब है कि विद्वानों की सभा में मूर्ख के लिए मौन ही आभूषण होता है…।”
उन्होंने कहा, ”इस सरकार के पिछले कई बजट को अगर देखें तो यह जो बजट है उसका इनके (भाजपा के) घोषणा पत्र से कोई तालमेल नहीं है। इस बजट का, और इससे पहले के बजट का भी कोई फोकस नहीं रहा। बिना विजन के बजट पेश किए गए हैं। सरकार का कोई रोड मैप तैयार नहीं था कि किस दिशा में उत्तर प्रदेश को ले जाना है और पिछले तमाम बजट में कोई स्पष्टता नहीं है।” अखिलेश यादव ने कहा, ”हर बार बजट पेश किया जाता है और सरकार यही कहती है कि यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट है। यह टर्म हर सरकार हर बजट के लिए इस्तेमाल कर सकती है क्योंकि अगला जो भी बजट होगा वह जाहिर है कि पिछले बजट से बड़ा ही होगा। यह कहना कि सबसे बड़ा बजट पेश हो रहा है यह सोचने की बात है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इसका आकार वर्ष 2024-2025 के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक है। प्रस्तावित बजट में 28 हजार 478 करोड़ 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़) की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं।


