भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलाई : दिल्ली के नए सीएम का नाम होगा तय, शपथ समारोह 19 या 20 फरवरी को संभव

नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

नई दिल्ली| दिल्ली में नए सीएम का नाम सोमवार को तय हो जाएगा। कल दोपहर भाजपा कार्यालय में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एजेंसी को इसकी जानकारी दी है। भाजपा 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही है। नई सरकार 19 या 20 फरवरी को शपथ ले सकती है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले ही साफ कर चुके हैं कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा। भाजपा ने 71% सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह एक ग्रैंड इवेंट की तरह हो सकता है। इसमें प्रधानमंत्री के अलावा कैबिनेट और पार्टी के बड़े नेता शामिल होंगे। साथ ही भाजपा और एनडीए शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी आएंगे। 21 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 28 राज्यों और विधानसभा वाले 3 केंद्र शासित प्रदेशों में से 21 में भाजपा या एनडीए की सरकार हो गई है। इसके साथ ही भाजपा ने 2018 की में स्थिति वापस आ गई है। तब भी देश में भाजपा या एनडीए की 21 राज्यों तक पहुंच थी। जबकि दिल्ली में दो बार 60 से ज्यादा सीटें जीतने वाली आप इस बार 22 सीटों पर सिमट गई है। जबकि कांग्रेस को लगातार तीसरे चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली।

नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद 8 राज्यों में हुए चुनावों में से 5 में भाजपा या एनडीए ने जीत दर्ज की। इसमें आंध्र, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र शामिल हैं। जबकि जम्मू-कश्मीर और झारखंड में विपक्षी पार्टियों की सरकार है। वहीं, सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की सरकार है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और एसकेएम का गठबंधन टूट गया, हालांकि केंद्र में दोनों साथ हैं। जितेंद्र महाजन, रविंदर सिंह समेत सीएम की रेस में 6 नाम वैसे तो भाजपा अपने मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चौंकाती आई है। पार्टी ने सभी राजनीतिक कयासों को किनारे करते हुए संगठन के पुराने चेहरों को प्रदेश की कमान सौंपती है। इसके बावजूद 6 विधायकों के नाम मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी ने 15 विधायकों के नाम निकाले हैं। उनमें से 9 नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। इन्हीं 9 नामों में सीएम, कैबिनेट मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। दिल्ली मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 7 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में चर्चा है कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों से एक-एक भाजपा विधायक को चुना जा सकता है। बिहार और पंजाब चुनाव के अलावा जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन्हें चुना जाएगा।

Leave a Reply