महाकुंभ में रिकॉर्ड 4.64 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, मौनी महास्नान पर रात तक 5 करोड़ लोग डुबकी लगाएंगे

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प्रयागराज| महाकुंभ में शाम होते-होते भीड़ तेजी से बढ़ती जा रही है। हर तरफ सिर्फ सिर ही सिर दिखाई दे रहे हैं। प्रयागराज की सड़कों से लेकर गलियां तक फुल हैं। भीड़ संभालने के लिए प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रखी है। लेकिन, आने वाली भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ दे रही है। ऐसा ही शास्त्री ब्रिज पर देखने को मिला। यहां भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुल से डायरेक्ट नीचे उतरकर मेले के अंदर चले गए। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी पैर रखने तक की जगह नहीं है। सिर्फ 2 घंटे में (शाम 4 से 6 बजे के बीच) 70 लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। वहीं, महाकुंभ नगर एक बार फिर विश्व का सबसे बड़ा जिला बन गया। आज प्रयागराज की आबादी साढ़े 4 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई।

मंगलवार को अभी तक 4.64 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। इसमें अगर जिले की आबादी करीब 70 लाख जोड़ ली जाए, तो प्रयागराज में एक दिन की संख्या 5.34 करोड़ रिकॉर्ड की गई। ऐसे में आबादी के लिहाज से विश्व के सबसे बड़े शहर टोक्यो को भी प्रयागराज ने पीछे छोड़ दिया। इससे पहले मकर संक्रांति पर भी 4.20 करोड़ लोगों के साथ प्रयागराज विश्व का सबसे बड़ा जिला बनने का रिकॉर्ड बना चुका है। आज सुबह एडीजी जोन भानु भास्कर और कमिश्नर ने सभी विभागों के अफसरों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। डीएम, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, पुलिस, रेलवे आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। हाई अलर्ट जारी किया गया है। 13 जनवरी से अब तक कुल 14.76 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं।

डीजीपी का आदेश- पल-पल की निगरानी करें
महाकुंभ के मौनी महास्नान को लेकर डीजीपी प्रशांत कुमार ने सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने प्रयागराज के आसपास के जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि वे आज प्रयागराज की सीमावर्ती तहसीलों में कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। साथ ही, अयोध्या, चित्रकूट और काशी में भी सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को पल-पल की निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, जबकि डीजीपी मुख्यालय का कंट्रोल रूम हाई अलर्ट पर रखा गया है।

कहीं बिछड़ न जाएं…घेरा बनाकर चल रहे परिवार
मेला क्षेत्र में स्नान करने वाले कुनबे के लोग अपनों का ख्याल रखने के लिए अपने परिवार के लोगों के चारों तरफ घेरा बना कर चल रहे हैं। लोगों में डर है कि कहीं भीड़ में बिछड़ न जाएं।

दंडी स्वामी संत त्रिवेणी में नहीं गंगाजी में करेंगे अमृत स्नान
दंडी स्वामी संत त्रिवेणी की जगह गंगाजी में मौनी अमावस्या का अमृत स्नान करेंगे। अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के अध्यक्ष और श्रीमद जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम महाराज ने यह ऐलान किया है। उनका कहना है कि परंपरा के अनुसार दंडी स्वामी श्री पंच दशनाम जूना, अग्नि, आवाहन और निरंजनी अखाड़े के साथ ही अमृत स्नान करते रहे हैं। मकर संक्रांति का अमृत स्नान भी दंडी स्वामी संतों ने जूना अखाड़े के साथ किया था। लेकिन इस बार मौनी अमावस्या की भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के हित में परिषद ने फैसला किया है कि मौनी अमावस्या के अमृत स्नान में दंडी समाज संगम के स्थान पर गंगा में ही स्नान करेगा। दशाश्वमेध घाट में सुबह 4 बजकर 5 मिनट पर सभी दंडी स्वामी गंगा जी में अमृत स्नान करेंगे।

खुले आसमान के नीचे बीतेगी रात, सड़क पर लगाया बिस्तर
महाकुंभ पहुंचे लोगों ने सड़क पर ही अपना बिस्तर लगा लिया है। लोगों को सुबह होने का इंतजार है, जब मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान कर सकेंगे।

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