नीट पेपर लीक मामले में अब तक 25 गिरफ्तारियां

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नई दिल्ली| रविवार को शिक्षक संजर तुकाराम जाधव और जलील उमर खान पठान को नांदेड़ एटीएस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। हालांकि, देर रात जलील उमर खान पठान को दोबारा हिरासत में लिया गया सीबीआई ने गुजरात और बिहार से एक-एक मामले में और राजस्थान से तीन मामलों में अपनी एफआईआर दर्ज की है। वहीं, महाराष्ट्र के लातूर से भी एक और मामला दर्ज किए जाने की संभावना है। नीट परीक्षा के पेपर लीक की जांच में अब तक देश के 4 राज्‍यों से 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें बिहार से 13, झारखंड से 5, गुजरात से 5 और महाराष्‍ट्र से 2 शामिल हैं। महाराष्‍ट्र में 23 जून को नांदेड़ एटीएस ने लातूर के 2 टीचर संजय तुकाराम जाधव और जलील खान उमर खान पठान, नांदेड़ के इरन्ना मशनाजी कोंगलवाव और दिल्ली के गंगाधर के खिलाफ पब्लिक एग्‍जाम एक्‍ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जाधव और पठान को रविवार देर रात गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य दो आरोपी फरार हैं।

सीबीआई की टीम आज बिहार और गुजरात पहुंची
मामले की जांच केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई की टीमें आज 24 जून को बिहार और गुजरात पहुंची है। बिहार ईओयू ने अपनी जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। पटना में पेपर लीक के मास्‍टरमाइंड संजीव मुखिया की गिरफ्तारी के लिए ईओयू की 6 टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। मामले की जांच केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई की टीमें आज 24 जून को बिहार और गुजरात पहुंची है। बिहार ईओयू ने अपनी जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। पटना में पेपर लीक के मास्‍टरमाइंड संजीव मुखिया की गिरफ्तारी के लिए ईओयू की 6 टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है।

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी
वहीं नीट मामले पर अब पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्‍होंने पीएम से कहा है कि सेंट्रलाइज्‍ड परीक्षा का सिस्‍टम खत्‍म हो और पहले की तरह डीसेंट्रलाइज्‍ड हो। यानी राज्‍य और केंद्र अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करें।

नीट मामले की जांच ईडी को सौंपने पर फिलहाल एससी का आदेश नहीं
इससे पहले आज सोमवार को नीट-यूजी मामले की जांच ईडी को सौंपने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश नहीं दिया। जस्टिस एएस ओका और जस्टिस राजेश बिंदल की वेकेशन बेंच ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होने दें। अभी कोई जल्दबाजी नहीं है। यह सुनवाई 10 जून को सुप्रीम कोर्ट में दायर शिवानी मिश्रा समेत 10 शिकायतकर्ताओं की याचिका पर ही थी। एडवोकेट मैथ्‍यूज नेदुम्‍परा ने एग्जाम में गड़बड़ियों की जांच ईडी को सौंपने और दोषियों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की अपील की थी।

सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 32 के तहत भी याचिका दायर हुई
सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका सोमवार को दायर की गई जिसे आर्टिकल 32 के तहत रिट पिटीशन के तौर पर दखिल किया गया। दरअसल, संवैधानिक अधिकारों के हनन के मामले में शिकायत आर्टिकल 32 के तहत रिट पिटीशन के तौर पर दाखिल की जाती है। जस्टिस मनोज मिश्रा और एसवीएन भट्टी की बेंच ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि ये आर्टिकल 32 के तहत रिट पिटीशन कैसे है? याचिका में नीट-यूजी एग्जाम में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ में एनटीए की भूमिका की जांच सीबीआई और ईडी को सौंपने की मांग की गई थी। इस मामलों को भी 8 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्‍ट कर लिया गया।

बिहार-झारखंड के 100 अभ्यर्थियों को नीट-यूजी का पेपर मिला था
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध यूनिट ने नीट-यूजी पेपर लीक केस की रिपोर्ट रविवार रात केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक इसमें कहा गया है कि 5 मई को सेंटर पहुंचने से पहले ही बिहार-झारखंड के 100 अभ्यर्थियों को नीट का पेपर मिल गया था। ईओयू के मुताबिक, चिंटू के वॉट्सएप पर 5 मई की सुबह नीट-यूजी का प्रश्न पत्र उत्तर के साथ पीडीएफ फाइल में पहुंचा। उसने खेमनीचक स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल के वाईफाई प्रिंटर से प्रिंट निकलवाया। चिंटू के फोन पर पेपर कहां से आया था, इसकी जांच हो रही है।

सीबीआई का दल पटना में पहुंचा ईओयू कार्यालय, नीट मामले में गिरफ्तार आरोपियों को ला सकता है दिल्ली
पटना। दिल्ली से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का एक दल राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक 2024 (नीट-यूजी) में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के सिलसिले में सोमवार को यहां बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के कार्यालय पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। केंद्र द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिये जाने से पहले तक ईओयू ही इसकी जांच कर रही थी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ सीबीआई अधिकारी ईओयू से इस मामले के सबूत ले रहे हैं।’’

सीबीआई ने चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में शिक्षा मंत्रालय की संस्तुति पर रविवार को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह परीक्षा पांच मई को हुई थी। परीक्षा के प्रश्नपत्रों के लीक हो जाने के आरोपों पर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और कई अभ्यर्थी अदालत पहुंच गये हैं। एक ईओयू अधिकारी ने कहा, ‘‘ ईओयू द्वारा जुटाये गये सबूतों में यहां एक मकान से बरामद किये गये जले हुए प्रश्नपत्र के टुकड़े, गिरफ्तार लोगों के मोबाइल फोन, सिमकार्ड, लैपटॉप, आगे की तारीख वाले चेक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से प्राप्त संदर्भ प्रश्नपत्र आदि शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जो लोग गिरफ्तार किये गये हैं वे सभी पटना में न्यायिक हिरासत में हैं और सीबीआई का दल यहां एक अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उन्हें सघन पूछताछ के लिए दिल्ली ले जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि सीबीआई सबूतों को नष्ट करने की जांच के सिलसिले में कई प्राथमिकियां दर्ज कर सकती है तथा वह कुछ आरोपियों के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने कहा, ‘‘गिरफ्तार किये गये आरोपी, दानापुर नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता सिकंदर प्रसाद यादवेंदु के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया जा सकता है क्योंकि उसने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से काफी अधिक संपत्ति कथित रूप से अर्जित की है।’’ उन्होंने बताया कि मूल रूप से समस्तीपुर के रहने वाले यादवेंदु की पहचान इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘ उसकी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की पृष्ठभूमि है। 2012 में कनिष्ठ अभियंता बनने से पहले वह रांची में ठेकेदारी करता था। वह तीन करोड़ रुपये के एलईडी घोटाले में अभियुक्त रहा है। वह उस मामले में अपनी भूमिका को लेकर जेल की सजा काट चुका है।

नीट-यूजी विवाद: सीबीआई टीम परीक्षा में अनियमितताओं की जांच के लिए पहुंची गोधरा
गोधरा (गुजरात)। केंद्रीय अन्वेषण बयूरो (सीबीआई) की एक टीम पांच मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए सोमवार को गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित गोधरा शहर पहुंची। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गोधरा पुलिस ने 27 उम्मीदवारों से 10-10 लाख रुपये लेकर नीट-यूजी उत्तीर्ण कराने में उनकी मदद करने की कथित कोशिश के लिए आठ मई को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। पंचमहल के पुलिस अधीक्षक, हिमांशु सोलंकी ने कहा कि सीबीआई की एक टीम गोधरा पहुंची और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली। उन्होंने कहा, ‘‘मामले की जांच के लिए हम उन्हें हरसंभव सहयोग देंगे।’’ प्रश्नपत्र लीक के दावों की जांच को लेकर छात्रों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और मुकदमेबाजी के बीच सीबीआई ने रविवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक नयी प्राथमिकी दर्ज की थी।

गुजरात के गृह विभाग ने रविवार को राज्य पुलिस द्वारा दर्ज नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के मामलों को सीबीआई को हस्तांतरित करने के लिए एक अधिसूचना जारी की जिससे केंद्रीय एजेंसी के जांच की जिम्मेदारी संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया। देश भर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा नीट-यूजी का आयोजन किया जाता है। गुजरात पुलिस ने नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक गोधरा के एक स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। नौ मई को द र्ज प्राथमिकी के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पांच मई को आयोजित नीट-यूजी के केंद्र के रूप में नामित गोधरा के स्कूल में सक्रिय गिरोह का खुलासा तब हुआ जब जिलाधिकारी को सूचना मिली कि कुछ लोग कदाचार में शामिल थे।

पुलिस अधीक्षक सोलंकी ने पहले कहा था कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में तुषार भट्ट, स्कूल के प्रिंसिपल परषोत्तम शर्मा, वडोदरा स्थित शिक्षा सलाहकार परशुराम रॉय, उनके सहयोगी विभोर आनंद और कथित बिचौलिए आरिफ वोहरा शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर गोधरा तालुका पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार भट्ट से सात लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे जो जय जलाराम स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। भट्ट को शहर में नीट-यूजी के लिए उपकेंद्र अधीक्षक नियुक्त किया गया था। सूत्रों के अनुसार, उन 27 छात्रों में से, जिन्होंने या तो अग्रिम भुगतान किया था या रॉय और अन्य को पैसे देने पर सहमति व्यक्त की थी, केवल तीन ही परीक्षा पास कर पाए। प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपियों ने अभ्यर्थियों से कहा कि वे केवल उन प्रश्नों को हल करें जिन्हें वे जानते हैं और अन्य को खाली छोड़ दें क्योंकि उन्हें परीक्षा के बाद उत्तर पत्रक एकत्र करने के उपरांत भरा जाएगा।

नीट-यूजी और यूजीसी-नेट विवाद: कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई का जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने सोमवार को जंतर मंतर पर नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) रद्द करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत के दिन संसद का घेराव करने के लिए जुलूस निकालने की योजना बनाई है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एनएसयूआई के सैकड़ों सदस्य जंतर मंतर पर एकत्र हुए। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के किसी जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं दी गई है और ऐसा करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पांच मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को रद्द करने की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि गड़बड़ी की घटनाएं “स्थानीय” या “अलग-अलग” थीं और उचित तरीके से परीक्षा पास करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के करिअर को जोखिम में डालना ठीक नहीं था। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित अनियमितता ओं के संबंध में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्राथ मिकी दर्ज की है। यूजीसी-नेट-2024 परीक्षा 18 जून को देशभर में दो पाली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की गई थी।

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