धार-अमझेरा। 22 मई को धार जिले अमझेरा से सटे भेरूघाट के ग्राम हाथीपावा में घर की बागड़ लगा रहे चार ग्रामीणों पर घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद से ही ग्राम हाथीपावा व आस पास के ग्रामीण इलाके में ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई थी। घटना के बाद तुरंत ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए थे। अगले ही दिन ग्राम हाथीपावा की गहरी खाई वटकानाला में पिंजरा लगा दिया गया था। लगातार कई दिनों की सर्चिंग के बाद भी तेंदुए का पता नहीं लग पा रहा था।
कर्मचारी एवं ग्रामीण तेंदुए की खोजबीन में लगे हुए थे। 25 दिनों के बाद रविवार की सुबह जब ग्रामीणों ने तेंदुए की आवाज सुनी तो मालूम हुआ कि खूंखार तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। सूचना मिलने पर केशवी बिट प्रभारी निर्मल डावर तुरंत मौके पर पहुंचे। पिंजरे को जंगली पत्तों से ढककर पिंजरे पर छांव की गई। इस संबंध में सरदारपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेन्द्र सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिंजरे में तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना पर हमारी वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया। इसके आधार पर पता चला कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा तेंदुआ है।


