इंदौर। फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हर साल महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन उपवास रखने और पूजा करने से महादेव के साथ माता गौरी का आशीर्वाद मिलता है। महाशिवरात्रि के दिन की गई शिवजी की आराधना से जातक को पुण्य की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि 2024 पर ऐसे करें पूजा
महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। फिर भगवान शिव के आगे व्रत का संकल्प लें। उपवास को पूरा करने के लिए भगवान शिवजी और माता पार्वती का आशीर्वाद लें।
रोली, सिंदुर, अक्षत, पुष्प, जनेऊ, वस्त्र, धूपबत्ती, सात तरह के धान, बेलपत्र, आंकड़े के फूल, धतूरे के फूल आदि सामग्री इकट्ठा कर लें। गाय का घी, दही, दूध और मेवा से पंचामृत बनाएं।
मंदिर में जाकर पंचामृत शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद साफ जल चढ़ाएं और चंदन का तिलक लगाएं।
फिर बेलपत्र, भांग और धतूरा जरूर चढ़ाएं। इसके बाद आरती करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें।
इस दिन पूरी रात्रि जागरण करें। आखिरी में केसर युक्त खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांटें।
महाशिवरात्रि 2024 तिथि और समय
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 मार्च को है। यानी महाशिवरात्रि का पावन पर्व 8 मार्च, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि आरंभ- 8 मार्च, 2024 की रात्रि 10 बजे से।
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि समाप्त- 9 मार्च, 2024 की शाम 06.19 मिनट पर।
महाशिवरात्रि 2024 तिथि- 8 मार्च, 2024 शुक्रवार।
निशीथ काल पूजा मुहूर्त- 9 मार्च की मध्यरात्रि 12.07 मिनट से 12.55 मिनट तक।
महाशिवरात्रि 2024 पारण मुहूर्त- 9 मार्च की सुबह 06.38 मिनट से दोपहर 03.30 मिनट तक।
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