जबलपुर कलेक्टर को हटाया, दीपक सक्सेना नए कलेक्टर, शीतला पटले को नरसिंहपुर कलेक्टर बनाया

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल| मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशासनिक सर्जरी जारी है। गुरुवार को जबलपुर कलेक्टर सौरव कुमार सुमन को हटा दिया गया। उनकी जगह संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण दीपक सक्सेना को नया कलेक्टर बनाया है। सौरव सुमन पर धान के उपार्जन केंद्र और गोदाम के निर्धारण मामले में लापरवाही का आरोप है। इस बात से सीएम नाराज थे। अब तक लापरवाही के चलते राज्य सरकार 7 जिलों के कलेक्टर के खिलाफ एक्शन ले चुकी है। वहीं, सीएम सचिवालय में पदस्थ शीतला पटले को नरसिंहपुर कलेक्टर बनाया गया है। शीतला पटले इससे पहले छिंदवाड़ा कलेक्टर रह चुकी हैं। बुधवार को ही सीएम के निर्देश पर शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल को हटाया गया था। उनकी जगह नरसिंहपुर कलेक्टर रिजु बाफना को शाजापुर भेजा गया था। इसके अलावा, डिंडौरी से गुना भेजे गए एसपी संजीव कुमार सिन्हा की जगह अखिल पटेल को डिंडौरी का नया एसपी बनाया गया है।

एक दिन पहले सीएम ने जबलपुर में की थी समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जबलपुर संभाग के कलेक्टरों और एसपी के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसमें विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के संज्ञान में दिसंबर महीने में उपार्जन केंद्रों और गोदामों के निर्धारण में व्यापक अनियमितता का मामला सामने आया था। इसमें कलेक्टर सौरव सुमन की लापरवाही सामने आई। प्रमुख सचिव को भेजी गई जानकारी में भी खानापूर्ति की गई। इससे किसानों को धान खरीदी में परेशानी आई थी। इस मामले में पहले वेयर हाउसिंग जबलपुर में पदस्थ ‌अफसरों, विपणन संघ के जिला प्रबंधक, प्रभारी फूड कंट्रोलर समेत सात अफसर सस्पेंड किए जा चुके हैं।

गुना‌ और शाजापुर कलेक्टर पर कर चुके कार्रवाई

सीएम यादव इसके पहले गुना कलेक्टर तरुण राठी और शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को हटा चुके हैं। राठी के खिलाफ गुना बस हादसे के चलते कार्रवाई हुई थी, जबकि कान्याल को एक ड्राइवर की औकात पूछने के मामले में हटाया गया है। गुना बस हादसे में एसपी, परिवहन विभाग प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, परिवहन आयुक्त संजय झा और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।

अब‌ तक सात जिलों के कलेक्टर, दो एसपी बदले

कार्यभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब तक सात जिलों के कलेक्टर और दो जिलों के एसपी पर लापरवाही के चलते एक्शन ले चुके हैं। गुना, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर जिलों के कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके साथ ही डिंडौरी, गुना जिले के एसपी भी बदले जा चुके हैं। इसके अलावा उज्जैन के नगर निगम कमिश्नर को भी हटाया गया था।

ये अफसर मंत्रालय में बिना विभाग के पदस्थ

सबसे पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, फिर उपसचिव मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज वशिष्ठ और आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह को हटाया गया। तीनों ही अधिकारियों को मंत्रालय में पदस्थ किया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इसके अलावा, गुना से हटाए गए तरुण राठी, उज्जैन के कुमार पुरुषोत्तम, शाजापुर के किशोर कान्याल और सौरव सुमन को भी मंत्रालय में पदस्थ किया गया है। इन्हें भी कोई विभाग नहीं दिया गया है।

‘औकात’ बताने वाले कलेक्टर को हटाया

शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल को राज्य सरकार ने हटा दिया है। उनकी जगह नरसिंहपुर कलेक्टर ऋजु बाफना को शाजापुर भेजा है। बस-ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के दौरान मंगलवार को एक बैठक में कन्याल और ड्राइवर्स के बीच गहमा-गहमी हो गई थी। उन्होंने ड्राइवर से कहा था कि समझ क्या रखा है? क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है?

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