करुणाधाम आश्रम में शतचंडी महायज्ञ संपन्न, सीएम शिवराज ने दी पूर्णाहुति

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल। शहर के नेहरू नगर में स्थित करुणाधाम आश्रम में सप्तदिवसीय शतचंडी महायज्ञ रविवार को विधि-विधान पूर्वक पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। सुबह नौ से 12 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन हुआ और इसके बाद पूर्णाहुति दी गई। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी सपत्नीक शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए और मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कर आरती की एवं पूर्णाहुति दी। सीएम शिवराज ने इस अवसर पर करुणाधाम पीठाधीश्वर गुरुदेव श्री सुदेश शांडिल्य जी महाराज से आशीर्वाद भी लिया।

उज्जैन से बुलाए गए थे पंडित
गौरतलब है कि करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज द्वारा चार से 10 दिसंबर तक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ और हवन में आहुतियां दी गईं। महायज्ञ में प्रतिदिन नौ दंपतियों द्वारा आहुतियां दी गईं। उज्जैन के प्रकांड पंडितों द्वारा यह हवन कराया गया है। महायज्ञ के दौरान दुर्गा सप्तशती के पाठों का वाचन भी किया गया।

बताया यज्ञ का महत्व
आश्रम के शाश्वत शांडिल्य ने बताया कि यज्ञ में 33 कोटि देवताओं, तीर्थों, पवित्र नदियों गंगा, यमुना, नर्मदा आदि का आह्वान होता है। इनके एक ही यज्ञ स्थान पर होने का पुण्य लाभ श्रद्धालु परिक्रमा कर ले सकते हैं। परिक्रमा किसी भी समय करने पर भी पुण्य लाभ प्राप्त होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह लाभ मिलता है कि यज्ञ में उपयोग हो रही समिधा, कंडे, गाय के घी से प्राण वायु निकलती है। यज्ञ के धुएं से कीटाणुओं और विषैले पदार्थों का नाश होता है। जिससे वायुमण्डल शुद्ध होता है। इसलिये यज्ञ की परिक्रमा से शारीरिक व प्राकृतिक लाभ भी होते हैं।

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