: मप्र की गुना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने 16 मिनट के अपने भाषण में ज्योतिरादित्य को चार बार महाराज या राजा साहब कहकर संबोधित किया। यह भी बोल गए कि ज्योतिरादित्य पर मोदी जी का वरदहस्त है।
भोपाल / केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुना में शुक्रवार को कहा कि (पूर्व सांसद) केपी यादव की चिंता मुझ पर छोड़ दीजिए। आपको उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपको तो दो-दो नेता मिलने वाले हैं। ज्योतिरादित्य हमारे मित्र हैं और उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वरदहस्त हैं। राजा साहब को प्रचंड बहुमत से जिताकर भेजना है।
अमित शाह के साथ ही सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गुना लोकसभा की मुंगावली विधानसभा के पिपरई में जनसभा को संबोधित किया। शाह ने अपने भाषण की शुरुआत में राजमाता विजयाराजे सिंधिया को याद किया। उन्होंने कहा कि आज की भाजपा की कल्पना हम राजमाता साहब के बिना नहीं कर सकते। राजमाता साहब ने जनसंघ और भाजपा की नींव में योगदान न दिया होता, तो आज हमारी पार्टी यहां नहीं होती। मैं राजमाता साहब को सम्मान के साथ प्रणाम करते हुए अपनी बात कहना चाहता हूं। फिर उन्होंने कहा कि “राजा साहब ज्योतिरादित्य मेरे मित्र हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैं। ज्योतिरादित्य को दिया हुआ एक-एक वोट नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने वाला है। मैं कई क्षेत्रों में जाता हूं तो लोग कहते हैं कि हम प्रत्याशी को जिताकर भेज रहे हैं, आप हमारे सांसद को आगे बढ़ाना। आपको तो मोदी जी ने बना-बनाया मंत्री यहां से चुनाव लड़ने भेजा है। मैं यह भी कहकर जाता हूं कि केपी यादव ने इस क्षेत्र की बहुत अच्छी सेवा की है। केपी यादव की चिंता मुझ पर छोड़ देना। आपको उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा हमारे भाई केपी यादव को आगे बढ़ाने की और सभी प्रकार की चिंता करेगी। गुना वालों को दो नेता मिल रहे हैं। ज्योतिरादित्य भी मिलेंगे और केपी यादव भी मिलेंगे।
अमित शाह ने कहा कि आप मुझे बताइए, अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए था या नहीं? 70 साल तक कांग्रेस पार्टी राम मंदिर की मुद्दे को लटकाती रही, भटकाती रही। मोदी जी को आपने दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाया, तो 5 साल में ही केस भी जीता, भूमिपूजन भी किया और प्राण प्रतिष्ठा करके जय श्री राम कर दिया। कांग्रेस पार्टी को देखिए.. सोनिया जी, राहुल जी को निमंत्रण मिला लेकिन रामलला के प्राण प्रतिष्ठा में जाने की फुर्सत नहीं है। हमारे मोहन यादव जी पूरी कैबिनेट लेकर रामलला का दर्शन करने पहुंच गए। जिस दिन प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसी दिन मोहन जी ओरछा के राम राजा के दरबार में प्रणाम करने के लिए पहुंच गए।
विकास के लिए समर्पित सिंधिया परिवार
शाह ने यह भी कहा कि सिंधिया महाराज यहां से भाजपा प्रत्याशी हैं। हम सबमें विकास के लिए सबसे समर्पित कोई व्यक्ति है तो वह आपके यह महाराज हैं। सिंधिया परिवार ने इस क्षेत्र का जतन अपने परिवार के बच्चों से ज्यादा मानकर किया है। यहां हमने ढेर सारी उपलब्धियों को हासिल किया है। मैं यह कहकर जाता हूं कि सिंधिया जी पर मोदी जी का वरदहस्त है। राजा साहब को प्रचंड मार्जिन के साथ जिताकर दिल्ली भेजिए। मोदी जी को तीसरी बार पीएम बनाइए।
सीएम बोले- शाह को देख सरदार पटेल की याद आ जाती है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को नहीं देखा, लेकिन उनका नाम बहुत सुना है। गृहमंत्री अमित शाह जी को देख लो तो अपने आप उनकी याद आ जाती है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जी ने तीन महीने पहले आह्वान किया था कि मध्य प्रदेश में फिर एक बार भाजपा की सरकार बनना चाहिए… यहां की जनता ने 163 सीटों के साथ भाजपा की सरकार बनवाई है। अयोध्या में भगवान श्रीराम आज अपनी सरकार की वजह से मुस्कुरा रहे हैं। अब हमने तय किया है कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण.. चित्रकूट और उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में जहां-जहां लीलाएं की हैं उन प्रत्येक स्थान को तीर्थ स्थल बनाएंगे।
राजगढ़ में उड़ गया टेंट
गुना के बाद अमित शाह ने राजगढ़ के खिलचीपुर में भी चुनावी सभा को संबोधित किया। भाजपा सांसद रोडमल नागर का मुकाबला कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से है। खिलचीपुर में शुक्रवार को तेज बारिश और आंधी चली, इससे शाह के सभा स्थल पर डोम के पीछे लगा टेंट उड़ गया।टेंट में लगा माइक भी गिर गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासन ने दोबारा व्यवस्था की। गुना और राजगढ़ सीट पर तीसरे चरण में सात मई को मतदान है।
‘आशिक का जनाजा है, जरा धूम से निकले’
राजगढ़ की जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि रोडमलजी को बड़े अंतर से जिताना है। आप समझो कि आशिक का जनाजा है, जरा धूम से निकले। दिग्विजय बड़े नेता हैं, सम्मान जैसी लीड से हराकर उनकी विदाई करना है। उन्हें घर पर बिठाने का काम राजगढ़ वाले करें।
दरअसल दिग्विजय सिंह को आशिक कहकर संबोधित करने वाले गृहमंत्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन की शुरुआत राजगढ़ जिले में स्थित समस्त प्रतिष्ठित मंदिरों का जिक्र किया और जयश्री राम का नारा लगाते हुए की। वहीं दस वर्षो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धि गिनाई और साथ में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ठुकराने के मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जमकर घेरा। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से प्रत्याशी बनाए जाने के पश्चात से चर्चा में आई राजगढ़ लोकसभा सीट प्रदेश सहित देश में चर्चित है। लेकिन अमित शाह के इस बयान के बाद राजनीति और अधिक गरमाती हुई दिखाई दे रही है।


