43 वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में राजभवन को 24 पुरस्कार मिले
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 43 वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में राजभवन उद्यान को शासकीय एवं संस्थागत वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 24 पुरस्कार मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रदर्शित राजभवन के गुलाब के पौधों का अवलोकन किया। राजभवन को प्राप्त पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल को बताया गया कि राजभवन द्वारा 43 वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में शासकीय एवं संस्थागत उद्यानों के तीन वर्गों में वृहत्तम-उद्यान, गुलाब-गमलों और गुलाब के कटे हुए पुष्पों की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया गया था। राजभवन को शासकीय एवं संस्थागत उद्यानों की वृहत्तम-उद्यान वर्ग प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार मिला है। इसी तरह गुलाब के कटे पुष्पों के वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिता में 9 प्रथम और 7 द्वितीय पुरस्कार सहित कुल 16 और गुलाब गमलों की वर्ग की विभिन्न श्रेणियों में प्रथम 2 एवं द्वितीय 5 सहित कुल 7 पुरस्कार प्राप्त हुए है।
सिंहस्थ-2028 कुंभ मेला भव्य, दिव्य और अलौकिक स्वरूप में मनाया जायेगा : मुख्यमंत्री यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में अंकपात मार्ग स्थित श्रीराम मन्दिर में दर्शन कर गादीपति तुलसीदास महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने तुलसीदास महाराज का गादीपति बनने पर स्वागत-वन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मौजूद सन्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिंहस्थ-2028 कुंभ मेला भव्य, दिव्य और अलौकिक स्वरूप में मनाया जायेगा। सनातन धर्म की ध्वजा लहरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जयिनी के सम्राट विक्रमा दित्य ने हजारों साल पहले अयोध्या में श्रीराम मन्दिर बनाया था। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प से अयोध्या में भव्य मन्दिर का निर्माण होने पर श्रीराम प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिप्रा नदी में 2028 कुंभ मेले के पहले गन्दा पानी न मिले, इसका पुख्ता कार्य योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री चिन्तामन गणेश मन्दिर में भी पूजन-अर्चन कर दर्शन किये। उन्होंने इसके बाद सुरभि गार्डन में गवली यादव समाज की महिलाओं द्वारा श्री भगवान धर्मराज व्रत उद्यापन कार्यक्रम में शामिल होकर महिलाओं को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएँ देकर सुख, समृद्धि की ईश्वर से कामना की।
मुख्यमंत्री यादव ने श्रीराम मंदिर अयोध्या के लिए बनाए लड्डू
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकालेश्वर प्रबंध समिति की चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई पहुँचकर अयोध्या के लिए बन रहे लड्डूओं की निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं भी लड्डू बनाए और उनकी पैकिंग भी की तथा लड्डू बना रहे कारीगरों से बातचीत भी की। उल्लेखनीय है कि अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा 5 लाख लड्डू प्रसाद स्वरूप अयोध्या भेजे जा रहे हैं, इनमें से 4 लाख लड्डू बन चुके हैं तथा शेष एक लाख लड्डू बनाने का कार्य निरंतर जारी है। प्रबंध समिति ने जानकारी दी कि लड्डू प्रसाद बेसन, रवा, शुद्ध घी और सूखे मेवों से बनाया जा रहा है। लड्डू प्रसाद निर्माण के लिए अतिरिक्त कारीगरों व कर्मचारियों को लगाया गया है। लड्डूओं को पैकेट में पैक कर अयोध्या भेजा जाएगा, एक लड्डू का वजन लगभग 50 ग्राम है।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किया कार्यभार ग्रहण
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज भोपाल में राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड की रूक जाना नहीं योजना प्रदेश में लोकप्रिय हुई है। इसके माध्यम से निरंतर विद्यार्थियों में अध्ययन की प्रवृत्ति को और अधिक प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बोर्ड कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरिक्षण किया। उन्होंने कार्यालय के सुव्यस्थित और कॉर्पोरेट पेटर्न कार्यशैली की प्रशंसा की। संचालक मध्यप्रदेश राज्य मुक्त शिक्षा बोर्ड प्रभातराज तिवारी ने बताया कि रूक जाना नहीं योजना में अब तक करीब 5 लाख विद्यार्थियों ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के बाद सफलता पाई है। अब ये विद्यार्थी आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। बोर्ड की रूक जाना नहीं योजना में बोर्ड में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को दोबारा से बगैर समय के नुकसान के परीक्षा में शामिल होने के अवसर दिये जाते है।
शुजालपुर में कौशल विकास केन्द्र : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह को अवगत कराया गया कि शाजापुर जिले के शुजालपुर में कौशल विकास के लिये केन्द्र सरकार मदद से कौशल विकास केन्द्र शुरू किया गया है। केन्द्र के माध्यम से युवाओं को सोलर ऊर्जा, बांसकलां, हेण्डलूम का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। केन्द्र में वर्तमान में 40 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें है। प्रदेश में अन्य जगहों पर भी इस तरह के सेंटर शुरू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है।
15 से 22 जनवरी तक रेडियो आजाद हिन्द पर “श्रीराम कथा गंगा”, मलयालम भाषा की अध्यात्म रामायण से हुई शुरूआत
भोपाल : प्रदेश के नागरिक विभिन्न भारतीय भाषाओं में रचित रामकथा का हिन्दी रूपांतरण रेडियो आजाद हिन्द एफएम 90.8 पर सुन सकते हैं। प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के भव्य, पवित्र और ऐतिहासिक अवसर पर रेडियो आजाद हिन्द में “श्रीरामकथा गंगा” की विशेष प्रस्तुति की जा रही है। यह प्रसारण प्रात: 9 तथा शाम 7 बजे किया जा रहा है। पन्द्रह जनवरी से प्रारंभ हुए इस प्रस्तुति में मंगलवार 16 जनवरी को मराठी भाषा की भावार्थ रामायण का हिन्दी रूपांतरण, 17 जनवरी को चकबस्त की उर्दू रामायण, 18 जनवरी को कंबन की तमिल रा मायण, 19 जनवरी को बांग्ला भाषा की कृतिवास रचित श्रीराम पंचाली के हिन्दी रूपांतरण की प्रस्तुति दी जायेगी। असमिया भाषा की माधव कंदली रामकथा का हिन्दी रूपांतरण 20 जनवरी को प्रसारित किया जायेगा, 21 जनवरी को तेलगू भाषा की रंगनाथ/द्विपद रामायण और 22 जनवरी को कन्नड़ भाषा तोरवे रामायण के हिन्दी रूपांतरण का प्रसारण किया जायेगा।
आईएसबीटी के निर्माण कार्य में तेजी लायें, राज्य मंत्री (स्व. प्र) गौर ने प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि विद्या नगर आईएसबीटी निर्माण कार्य में तेजी लायें। आईएसबीटी विद्या नगर परियोजना मल्टीपर्पस है। इसमें बस टर्मिनल के साथ व्यावसायिक और आवासीय कॉम्पलेक्स का निर्माण भी शामिल है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर और बीडीए चेयरमेन कृष्ण मोहन सोनी सोमवार को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुँचे थे। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर ने कहा कि विद्या नगर आईएसबीटी का निर्माण पूरा करने की समय-सीमा अप्रैल-2025 है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा किया जाये। आईएसबीटी विद्या नगर प्रोजेक्ट 5 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इसमें बस टर्मिनल के साथ कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स और 150 फ्लेट का आवासीय कॉम्पलेक्स भी रहेगा। बस टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया जा रहा है। इसमें यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था भी रहेगी। इसके साथ ही फूड जोन, पार्किंग आदि अन्य व्यवस्थाएँ भी रहेंगी। विद्या नगर आईएसबीटी टर्मिनल से नागपुर, पचमढ़ी, होशंगाबाद, बैतूल आदि रूट पर चलने वाली बसें संचालित होंगी। परियोजना की कुल लागत 236 करोड़ रुपये है। आईएसबीटी का निर्माण भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। कार्यपालन अधिकारी भोपाल विकास प्राधिकरण संदीप केरकेट्टा ने आईएसबीटी निर्माणाधीन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। केरकेट्टा ने भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा अजंता कॉम्पलेक्स पुनर्विकास परियोजना पर भी प्रस्तुतिकरण दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-जनमन योजना के लाभार्थियों से वर्चुअली किया संवाद
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम-जनमन योजना के लाभार्थियों से वर्चुअली संवाद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पीएम-जनमन में पीएमएवाय (जी) के लाभार्थियों से बातचीत’ कार्यक्रम में शिवपुरी जिले के हातोद की श्रीमती ललिता आदिवासी और श्रीमती विद्या आदिवासी से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चर्चा की। उन्होंने एक लाख से अधिक हितग्राहियों को योजना की प्रथम किश्त जारी की। हातोद में लाभार्थियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मौजूद रहें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हातोद की श्रीमती ललिता और विद्या आदिवासी से सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी ली और उन्हें लाभ कैसे मिला और उससे उनकी जीवन में कैसे बदलाव आया। प्रधानमंत्री मोदी को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के संचालन और ग्रामीणों को लाभान्वित करने के लिये हितग्राहियों ने धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हातोद की हितग्राहियों से चर्चा में उनके द्वारा तत्परता पूर्वक दिये गये उत्तर और सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचने पर प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने हातोद में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, सांसद डॉ. केपी यादव और विवेक शेजवलकर, विधायक देवेन्द्र जैन, रमेश खटीक, महेन्द्र यादव, प्रीतम लौधी एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
पीएम किसान योजना में छूटे पात्र हितग्राहियों को जोड़ें, सीमांकन, नामांतरण बंटवारा तय समय-सीमा में करें- राजस्व मंत्री वर्मा ने दिये निर्देश
भोपाल : राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने मंत्रालय के एनआईसी कक्ष से वर्चुअली राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और मैदानी अमले को राजस्व महाअभियान के सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये तय की गई समय-सीमा में प्रकरण निराकरण करना सुनिश्चित करें। नामांतरण प्रकरणों को 30 दिवस, आविवादित बंटवारा प्रकरणों को 45 दिवस में निराकृत करना सुनिश्चित करें। लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये। सीमांकन, नामांकन और बंटवारा आदि के प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये। राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि सीमांकन का आवेदन प्राप्त होने पर संबंधित भूमि का सीमांकन करने की कार्यवाही तुरंत की जाये। सीमांकन के समय पड़ोसी किसान को सूचित किया जाये और उनकी उपस्थिति में सीमांकन की कार्यवाही पूर्ण हो। पटवारी द्वारा किये गये सीमांकन की जाँच तहसीलदार अपने स्तर से करायें और यदि सीमांकन में कोई त्रुटि हो, तो संबंधित पटवारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम नागरिकों की सेवा के लिये है। आम जनता से राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को न्याय करने के साथ विनम्र व्यवहार करें। राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि महाअभियान के दौरान बी-1 का वाचन कर फौती नामांतरण अथवा अन्य कोई समस्या हो, उसका निराकरण किया जाये। पीएम किसान योजना में छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को जोड़ा जाये। खसरा एवं नक्शा में एकरूपता लाने के लिये आवश्यक है कि खसरा अनुसार बटांकन का कार्य नक्शा में पूरा किया जाये।
महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 2023 के राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित, आवेदन 25 जनवरी तक होंगे जमा
भोपाल : महिला-बाल विकास विभाग द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिये समाज सेवा, महिला सुरक्षा के लिए वीरता तथा साहसिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत/ संस्थागत और सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए 6 राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाते है। विभाग ने वर्ष 2023 के इन पुरस्कारों के लिए 25 जनवरी 2024 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय पुरस्कारों में ‘रानी अवंती बाई वीरता पुरस्कार’ के अंतर्गत वीरता के लिए एक लाख रूपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। समाज सेवा के लिए ‘राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार’, संस्था अथवा व्यक्ति द्वारा समाज सेवा के लिए ‘विष्णु कुमार पुरस्कार’ के लिए एक-एक लाख रूपये और प्रशास्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। नारी सम्मान की रक्षा के लिए ‘मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार’ अंतर्गत राज्य स्तर पर एक लाख रूपये की राशि और जिला स्तर पर 50 हजार रूपये की राशि तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। साहसिक कार्यों के लिए ‘अरुणा शानबाग साहस पुरस्कार’ में एक लाख रूपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरुष/ महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार’ की श्रेणी में एक लाख रुपए के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आवेदन के प्रारूप सहित पुरस्कार का पूरा विवरण विभाग की वेबसाइट mpwcdmis.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदक अपने आवेदन की एक प्रति अपने जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्रविष्टि भेजने और अधिक जानकारी के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास से संपर्क किया जा सकता है।
अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास, नायक आदि पर स्वाभिमान का भाव स्वयं में जागृत करें- उच्च शिक्षा मंत्री परमार
भोपाल : शिक्षा मात्र शारीरिक ही नहीं बल्कि व्यक्ति का समग्र विकास करती है। शिक्षा पद्धति में भारतीय मान्यताओं और परम्पराओं का समावेश कर उत्कृष्ट समाज का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए देश की उपलब्धियों पर गर्व का भाव जागृत कर भारतीय ज्ञान परम्परा को समझने की आवश्यकता है। अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास, नायक एवं उपलब्धियों आदि पर स्वाभिमान का भाव स्वयं में जागृत करें। युगानुकुल परिवर्तन के संकल्प के साथ भारतीय परम्पराओं, मान्यताओं और लोक व्यवहार पर शोध कर विज्ञान के समन्वय से नव सृजन किया जा सकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भवभूति प्रेक्षागृह में “भारतीय शिक्षा-मनोविज्ञान” विषय पर आधारित छः दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा अनुरूप मनोविज्ञान के नवसृजन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा भारत की प्राचीनतम भाषा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। परमार ने विद्यार्थियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए देश के उत्कृष्ट संस्थानों के मध्य संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान करने की प्रबंध योजना बनाने की बात कही। मंत्री परमार ने “भारतीय शिक्षा-मनोविज्ञान” विषयक विचार-विमर्श पर कार्यशाला आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं भी दीं। विश्वविद्यालय परिवार ने विधानसभा सदन में संस्कृत में शपथ लेकर संस्कृत भाषा के प्रति सम्मान के लिए मंत्री परमार का संस्कृत साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पुणे की प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ माधवी गोडबोले, विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, निदेशक प्रो. रमाकांत पांडेय, शोध केंद्र समन्वयक प्रो. नीलाभ तिवारी, विविध राज्यों के सहभागी शिक्षाविद् सहित प्राध्यापक एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।


