यूएन सुरक्षा परिषद

यूएन सुरक्षा परिषद में रूस और चीन के वीटो से अटका होर्मुज जलमार्ग खोलने का प्रस्ताव, बहरीन ने टाली वोटिंग

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एजेंसी, दुबई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान संभाल रहे खाड़ी देश बहरीन ने उस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर वोटिंग को आगे बढ़ा दिया है, जिसका मकसद होर्मुज जलमार्ग से ईरान का नियंत्रण कम करना और इसे जहाजों के लिए फिर से खुलवाना था। संयुक्त राष्ट्र के राजनयिकों के अनुसार, रूस और चीन द्वारा इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किए जाने के बाद इसकी कामयाबी पर संशय के बादल मंडराने लगे थे, जिसके चलते मतदान को टालने का फैसला लिया गया।

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राजनयिकों ने गोपनीयता की शर्त पर जानकारी दी है कि परिषद की बैठकों में रूस और चीन के कड़े रुख को देखते हुए अब इस पर अगले हफ्ते मतदान होने की संभावना है। बहरीन द्वारा तैयार किए गए इस मसौदे को पहले शनिवार को पेश किया जाना था। शुरुआत में अमेरिका और खाड़ी के देश इस मामले में कड़ी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन वर्तमान मसौदे में केवल सुरक्षा से जुड़े रक्षात्मक कदम उठाने की ही बात कही गई है।

इस पूरे प्रयास का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद जरूरी इस समुद्री रास्ते में मालवाहक जहाजों की आवाजाही को बिना किसी खतरे के बहाल करना है। बहरीन ने सुरक्षा परिषद के सभी पंद्रह सदस्य देशों को इस पक्ष में लाने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन वोटिंग का टलना साफ संकेत देता है कि रूस और चीन अभी भी इस प्रस्ताव की शर्तों से सहमत नहीं हैं और उनके विरोध के कारण फिलहाल यह योजना अटक गई है।

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