एजेंसी, वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आहट अब और भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक और सख्त लहजे में पोस्ट करते हुए ईरान को सीधे तौर पर ललकारा है की होर्मुज खोल दो वरना बरसेगा कहर । ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते को तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। राष्ट्रपति ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि अब बातचीत का समय बीत चुका है और कार्रवाई की घड़ी नजदीक आ गई है।
US President Donald Trump posts on Truth Social, “Remember when I gave Iran ten days to make a deal or open up the Hormuz Strait. Time is running out – 48 hours before all Hell will reign (rain) down on them…” pic.twitter.com/MDummvF1SF
— ANI (@ANI) April 4, 2026
मंगलवार को हो सकता है बड़ा हमला
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले दबाव बढ़ाते हुए कहा कि मंगलवार का दिन ईरान के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना ईरान के महत्वपूर्ण पावर प्लांट और प्रमुख पुलों को अपना निशाना बना सकती है। ट्रंप ने इसे ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ करार देते हुए कहा कि अगर उनकी शर्तों को नहीं माना गया, तो ईरान के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल व्यापार के लिए यह रास्ता बेहद अहम माना जाता है। ट्रंप ने पहले भी यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि ईरान ने इस मार्ग को बाधित करने की कोशिश की या इसे नहीं खोला, तो इसकी शुरुआत देश के सबसे बड़े बिजली संयंत्रों को नष्ट करने से होगी। इस समुद्री रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों और आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है।
48 घंटे का अल्टीमेटम और खत्म होता समय
इससे पहले शनिवार को भी ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की मोहलत दी थी, जिसमें समझौता करने या गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई थी। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे ईरान को बार-बार चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन वहां से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। ट्रंप ने अपनी ताजा पोस्ट में बेहद तल्ख भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे यह साफ झलकता है कि अमेरिका अब किसी भी वक्त बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार खड़ा है।
मिडिल ईस्ट में मंडरा रहे युद्ध के बादल
अमेरिका के इस कड़े रुख के बाद पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया, तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार की समयसीमा पर टिकी हैं, क्योंकि ट्रंप के इस नए अल्टीमेटम ने शांति की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और व्यापारिक हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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