हल्द्वानी : अवैध मदरसे एवं नमाज स्थल हटाने के दौरान हुआ बखेड़ा, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ भीड़ को खदेड़ा

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हल्द्वानी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मलिक के बगीचे में अवैध मदरसे एवं नमाज स्थल को आज नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीन लगाकर ध्वस्त कर दिया । इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र का माहौल गर्म हो गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के बीच धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई। अभी कार्रवाई चल ही रही थी कि अचानक अराजक तत्वों ने बवाल कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने एक्शन लेते हुए पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया और बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ा। पुलिस कर्मियों ने लाठियां फटकारी और आंसू गैंस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई के दौरान भीड़ ने निगम की जेसीबी सहित पास खड़ी एंबुलेंस और बाइकें क्षतिग्रस्त कर दीं इस बीच एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। फिलहाल पुलिस ने चारों तरफ से सीमाएं ब्लॉक कर दी हैं और किसी भी आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इधर अराजक तत्वों द्वारा की गई पत्थरबाजी में तमाम पुलिस कर्मी, अधिकारी और पत्रकारों को चोटें आई हैं। मौके पर भारी पुलिस बल के अलावा प्रशासनिक अमला मौजूद है।

बनभूलपुरा के लोगों ने किया दंगा, मस्जिदों से चलाये गये पत्थर, प्राइवेट और सरकारी वाहनों को जलाया

हल्द्वानी| बनभूलपुरा के लोगों ने किया दंगा, मस्जिदों से चलाये गये पत्थर, प्राइवेट और सरकारी वाहनों को जलाया
हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मलिक का बगीचा में अवैध मस्जिद और मदरसा को ढहाने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पहले तो विरोध किया और बाद में हिंसा पर उतारू हो गए। पत्थर बरसाए, वाहनों में आग लगाई। पुलिस और प्रशासन के साथ ही पत्रकार भी घायल हुए। यहां तक की पत्रकारों को भी मारा गया। बनभूलपुरा में अपरान्ह चार बजे मस्जिद और मदरसा और गिराने के लिए नगर निगम और प्रशासन की टीम पहुंच गई। साथ ही पुलिस बल भी पहुंच गया। मुसलमानों ने इसका विरोध करना शुरू किया जबकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी साबित हो गया कि मस्जिद और मदरसा सरकारी भूमि में अवैध रुप से बनाए गए हैं। पहले तो मुस्लिम महिलाओं समेत अन्य लोगों ने मौखिक तौर पर विरोध जताना शुरू किया लेकिन बाद में स्थिति खराब हो गई। मलिक के बगीचे की तरफ आने वाली सभी गलियों को मुसलमानों ने घेर लिया और पत्थर बरसाना शुरू कर दिये। पहले तो पत्थरों से हमला होता रहा। पत्थरों की चपेट में आकर कई पुलिस, नगर निगम और प्रशासन के कर्मचारी घायल हो गये। पत्थरों की हो रही बारिश को रोकने के लिए पुलिस ने शील्ड का सहारा लिया लेकिन भीड़ पूरी तरह से बेकाबू हो गई।

घरों और मस्जिदों से भी पत्थर आने लगे। पत्थर मारने वालों में महिलाएं, लड़कियों के अलावा बच्चे भी शामिल थे। इधर मस्जिद और मदरसा को ढहाने के लिए जेसीबी को लगा दिया गया। जेसीबी ने मस्जिद और मदरसा को ढहाने का काम नहीं रोका। हालांकि पत्थरबाज पत्थर बरसाते रहे। साथ ही आगजनी भी शुरू कर दी गई। नगर निगम के ट्रैक्टर को आग लगा दी गई। बाइकों को उठाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। धर्म के नशे में पूरी तरह से पागल हो गए लोग जान लेने पर भी उतारू गए। लोगों को निशाना बना-बनाकर पत्थर बरसाये जा रहे थे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े लेकिन दंगाई भीड़ पर कुछ भी असर नहीं हो रहा था। लग रहा था बनभूलपुरा के सभी लोगों ने मलिक के बगीचा को घेर लिया। बाद में कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस फोर्स के साथ नगर निगम, प्रशासन के कर्मचारियों के साथ ही अन्य लोग भी निकलने। इसके बाद भी पत्थर बरसाये जाना जारी रहे। बहुत मुश्किल से हिंसा पर उतारू हो चुकी भीड़ से बचते हुए पुलिस फोर्स के साथ लोग किसी तरह निकले। रास्ते में दंगाई पत्थर बरसाते रहे।

‘जा जाहिल कुर्बान हो जा’ …गाजी बनकर पहुंच रहे हैं.. और फिर…

हल्द्वानी। मलिक का बगीचा के पास से एक घर से आवाज रही थी। एक महिला अपने पति को लताड़ते हुए बोल रही थी कि जाहिल सोये पड़ा है। पुलिस आ गई है, जेसीबी आ गई है। जा जाकर कुर्बान हो जा, देख नहीं रहा है कि और लोग गाजी बनकर पहुंच रहे हैं। इसी तरह एक महिला अपने बच्चों के साथ घर के बाहर खड़ी हो गई। जब उससे पुलिस वालों ने कहा कि बच्चों को लेकर अंदर चली जाओ तो वह महिला बोली हम अपने बच्चों को भी कुर्बान कर देंगे। हमें कोई अफसोस नहीं है। इन दो वाक्यों से समझा जा सकता है कि तैयारी किस हद तक की थी।

पत्रकारों को चिन्हित करके मारा
हल्द्वानी। बनभूलपुरा के दंगाइयों ने पत्रकारों को चिन्हित करके और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाया। प्रेस लिखे वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जिन पत्रकारों के गले में प्रेस कार्ड लटके थे उन पर निशाना बनाकर पत्थर बरसाये। दो पत्रकारों को घेर कर बुरी तरह मारा। दो कैमरामैनों के कैमरे तोड़ दिए गए और उन्हें मारा भी गया। संभावना है कि बनभूलपुरा के उन लोगों का भी हाथ रहा जो लोग पत्रकारों को जानते थे। दंगाइयों को पत्रकारों की निशानदेही करवाकर हमला कराया गया है।

अपनी सीट जीतने के लिए पार्टियां अवैध कब्जा करवाती रहीं
हल्द्वानी। हल्द्वानी दंगे की भेंट चढ़ गया। निर्दोष लोगों के वाहन जला दिये गये। चिन्हित करके लोगों को मारा गया। यह सब इस वजह से हुआ है क्योंकि कुछ राजनीतिक दल और नेताओं के लिए यह जगह वोट बैंक है। उनके यहां से हजारों की तादाद में वोट मिलते हैं। जिसके बाद वह चुनाव जीतकर माननीय बनते हैं। अतिक्रमण करवाने में भी वोट बैंक की राजनीति करने वाले इन्हीं दलों और नेताओं का हाथ है। जब बनभूलपुरा में अवैध तौर पर अतिक्रमण हो रहा था, तब इन्हीं नेताओं और दलों ने पुलिस और प्रशासन को मूक बनवा दिया। जिससे उनके वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हो सके।

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