स्पेस प्रोग्राम में भारत की मदद करेंगी सुनीता विलियम्स, पृथ्वी पर लौटने के बाद दिया पहला इंटरव्यू

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एजेंसी, हैदराबाद| भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने से भी ज्यादा वक्त अंतरिक्ष में बिताने के बाद 18 मार्च को पृथ्वी पर वापस लौटी थीं. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने के बाद सुनीता विलियम्स ने बीते सोमवार यानी 31 मार्च 2025 को पहली बार मीडिया से बातचीत की और अपने अद्भुत अनुभव को शेयर किया. सुनीता विलियम्स ने बताया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है. इसके अलावा भारत आने की बात भी कही. आइए हम आपको बताते हैं कि सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर आने के बाद क्या-क्या कहा. सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने के बाद अपने पहले इंटरव्यू में बताया कि, मैं नासा, बोइंग, स्पेसएक्स और इस मिशन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताना चाहती हूं कि उन्होंने हमें सकुशल घर पहुंचा दिया. उसके बाद सुनीता ने अपनी आगे की तैयारियों के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि अब हम नई चुनौतियों की तैयारी कर रहे हैं. नए मिशन की तैयारी कर रहे हैं. मैं कल ही तीन मील दौड़ी हूं तो कम से कम अपनी पीठ तो थपथपा ही सकती हूं.

पृथ्वी पर लौटने के बाद सुनीता की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस

सुनीता ने अंतरिक्ष में फंसने का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि, उन्हें कभी नहीं लगा कि वो अंतरिक्ष में फंस गए हैं, क्योंकि वो जिस मिशन के लिए स्पेस स्टेशन गए थे, उनका पूरा फोकस उसे पूरा करने में था. उन्होंने बताया, हमारा पूरा फोकस अपने मिशन को पूरा करने पर था. हमने स्पेस स्टेशन में कई तरह के एक्सपेरीमेंट्स किए. इस कारण हमें कभी भी ऐसा नहीं लगा कि हम फंस गए हैं. हमें ऐसा लग रहा था कि हम दुनिया के आसपास नहीं, बल्कि दुनिया हमारे आसपास घूम रही है. स्पेस स्टेशन पर लगातार रोटेशन फ्लाइट्स आ रही थी, तो हमें पूरा भरोसा था कि हम घर जरूर लौटेंगे.

सुनीता ने धरती पर लौटने के बाद सबसे पहले क्या किया?

आप सभी सोच रहे होंगे कि सुनीता ने पृथ्वी पर लौटने के बाद सबसे पहले क्या किया होगा. इसका जवाब खुद सुनीता ने दिया और बताया कि 9 महीने के बाद 18 मार्च को जब पहली बार पृथ्वी पर कदम रखा तो मुझे सबसे पहले अपने पति और पेट्स (पालतू कत्तों) को हग करने का मन कर रहा था. इसके अलावा खाना हमें अपने घर की याद दिलाता है, इसलिए मैंने घर पहुंचने के बाद सबसे पहले एक स्वादिष्ट ग्रिल्ड चीज़ सैंडवीच खाया.

मीडिया में चल रहे अलग-अलग नैरेटिव पर सुनीता ने क्या कहा?

अंतरिक्ष में 9 महीने तक फंस जाने के बाद दुनियाभर की मीडिया में इसको लेकर अलग-अलग तरह की बातें की जा रही थी. सुनीता ने इसके बारे में बताया कि यह एक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन प्रोग्राम था और हमें पता था कि इस प्रोग्राम के दौरान कई चीजें गलत हो सकती है और हम इसके लिए तैयार भी थे. इस प्रोग्राम पर बहुत सारे लोगों ने नज़रें बनाई हुई थीं और वो जानते थे कि हमारी वापसी का सही समय कौनसा है. हम उसी फैसले का इंतजार कर रहे थे, जो एकदम सही फैसला था.

रिहैबिलिटेशन के बारे में सुनीता ने क्या कहा?

9 महीने तक अंतरिक्ष में रहने के बाद एस्ट्रोनॉट्स की बॉडी को पृथ्वी से हिसाब से अनुकूल होने में टाइम लगता है. सुनीता और उनके साथियों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है. इसके कारण वह रिहैबिलिटेशन प्रोसेस से गुजर रही हैं. इसके बारे में सुनीता ने बताया है कि एक्सपर्ट्स हमारे रिहैबिलिटेशन का पूरा ख्याल रख रहे हैं. हम उनके द्वारा बताए गए सभी प्रोटोकॉल्स को फॉलो कर रहे हैं और हमारी रिकवरी भी धीरे-धीरे हो रही है.

अंतरिक्ष में हुई देरी से सुनीता ने क्या सीखा?

सुनीता विलियम्स ने कहा है कि, हमने हमारे मिशन में हुई देरी से उम्मीद का सबक सीखा है. हम हर छोटी-बड़ी गलती से सीख रहे हैं ताकि अगली बार कुछ बेहतर कर सके. ऐसे ही हम सीखकर आगे बढ़ते हैं और बेहतर बनते हैं. हमारा शरीर सभी चीजों का आदी बन जाता है और फिर उसी हिसाब से काम करने लगता है. हम जब पहली बार पृथ्वी पर आए थे तो हमारे पैर लड़खड़ा रहे थे, लेकिन कुछ ही घंटों के बाद बदलाव दिखने लगा था.

अंतरिक्ष से सुनीता को भारत कैसा लगा?

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है तो उन्होंने कहा था, “सारे जहां से अच्छा.” अब सुनीता विलियम्स से भी वही सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, भारत अद्भुत है. हम जितनी बार भी हिमालय के ऊपर से गुजरे उतनी बार बुच विल्मोर ने हिमालय की शानदार और अविश्वसनीय पिक्चर्स क्लिक की. अंतरिक्ष से हिमालय का नजारा बेहद शानदार है. वहां से देखने में ऐसा लगता है कि हिमालय से लहरें उठ रही हैं और भारत में नीचे की ओर बह रही हैं. इसके अलावा जब पूर्वी भारत से पश्चमि भारत की ओर जाते हैं तो अरब सागर की तटों पर मौजूद मछली पकड़ने वाली नावों का गुच्छे को देखकर पता चलता है कि मुंबई और गुजरात आ चुका है. इसके अलावा ऊपर से देखने पर भारत में बड़े शहरों से छोटे शहरों तक रोशनी की एक तार जैसी चीज दिखती है, जो रात में काफी शानदार दिखाई देती है.

भारत आने के बारे में सुनीता ने क्या कहा?

सुनीता से पूछा गया कि क्या वो भारत आएंगी तो उन्होंने कहा कि वह पक्का अपने पिता के देश भारत आएंगी. सुनीता एक्सिओम मिशन पर जाने वाले भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के लिए काफी उत्साहित हैं. सुनीता ने कहा कि वह भारत जाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ अपना अनुभव शेयर करना चाहती हैं. भारत एक महान देश है, जहां का लोकतंत्र अद्भुत है और भारत अंतरिक्ष में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है. हम उनके इस मिशन का हिस्सा बनना चाहते हैं और भारत की मदद करना चाहते हैं.

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