स्पेसएक्स इसरो के जीसैट-एन2 उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा

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चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उन्नत संचार उपग्रह जीसैट-एन2 को स्पेसएक्स सोमवार को अमेरिका के फ्लोरिडा में केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 (एसएलसी-40) से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में प्रक्षेपित करेगा। दो घंटे की विंडो दोपहर 1:31 बजे ईटी पर खुलेगी। स्पेसएक्स ने अपनी वेबसाइट पर कहा यदि आवश्यक हो तो मंगलवार, 19 नवंबर को सुबह 4:33 बजे ईटी पर खुलने वाली दो घंटे की विंडो के दौरान बैकअप अवसर उपलब्ध है। चरण पृथक्करण के बाद पहला चरण जस्ट रीड द इंस्ट्रक्शन्स ड्रोनशिप पर उतरेगा जो अटलांटिक महासागर में तैनात होगा। इसरो ने कहा जीसैट-20 इसरो द्वारा विकसित एक संचार उपग्रह है और इसे स्पेसएक्स फाल्कन 9 द्वारा लॉन्च किया जाएगा। यह फाल्कन की 19वीं उड़ान होगी। यह एक वाणिज्यिक मिशन होगा।

हालांकि इसरो के एलएमवी-3 में जीटीओ में 4,000 किलोग्राम तक के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की क्षमता है लेकिन भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे एलन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स के अमेरिका से फाल्कन-9 लॉन्च वाहन का उपयोग करके लॉन्च करने का विकल्प चुना। इसका वजन 4,700 किलोग्राम है। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) द्वारा वित्तपोषित, स्वामि त्व और संचालित जीसैट-20, संचार उपग्रहों की जीसैट श्रृंखला की निरंतरता होगी और इसका उद्देश्य भारत के स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आवश्यक संचार अवसंरचना में डेटा संचरण क्षमता को जोड़ना है। सीएमएस-02 उपग्रह की पूरी क्षमता डिश टीवी को पट्टे पर दी जाएगी। यह उपग्रह 32 उपयोगकर्ता बीम से सुसज्जित है जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र पर आठ संकीर्ण स्पॉट बीम और शे ष भारत पर 24 चौड़े स्पॉट बीम शामिल हैं। इन 32 बीम को मुख्य भूमि भारत में स्थित हब स्टेशनों द्वारा समर्थित किया जाएगा।

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