एजेंसी, गुजरात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को साणंद में केन्स सेमीकॉन संयंत्र (सेमीकंडक्टर संयंत्र) का लोकार्पण किया और विश्वास जताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर प्रदाता के रूप में अपनी स्थिति को और सशक्त बना रहा है। उन्होंने संबोधन में कहा कि इस इकाई का आरंभ होना भारत के स्वावलंबन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई ऊर्जा देता है, जो एक सुदृढ़ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु एक युगांतकारी कदम सिद्ध होगा।
The inauguration of the Kaynes Semicon facility strengthens India’s push towards self-reliance. It marks an landmark step in building a robust semiconductor ecosystem. https://t.co/hJOo5srmOS
— Narendra Modi (@narendramodi) March 31, 2026
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि ‘पैक्स सिलिका’ पहल में सम्मिलित होने के भारत के निर्णय का मुख्य लक्ष्य महत्वपूर्ण खनिजों की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करना है। इस उपलब्धि को गौरवशाली क्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक स्पर्धा का दौर नहीं है, बल्कि भविष्य की तकनीकी रूपरेखा को नया आकार देने का समय है, क्योंकि अब एक भारतीय संस्थान वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन चुका है।
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अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में विनिर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही, भारत विश्व बाज़ार में एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक विस्तार दे रहा है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तुलना करते हुए कहा कि आज साणंद और सिलिकॉन वैली के मध्य एक नया सेतु स्थापित हो गया है। साणंद में स्थित यह आधुनिक संयंत्र अब कैलिफ़ोर्निया स्थित एक विदेशी कंपनी को ‘इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स’ की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्मरण कराया कि भारत ने वर्ष 2021 में सेमीकंडक्टर मिशन की नींव रखी थी, जो मात्र एक औद्योगिक नीति नहीं बल्कि राष्ट्र के आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि भारत ने बीते बजट में ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2’ का आगाज़ किया था, जिसका उद्देश्य देश को उत्पादन के प्रत्येक क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है।


