नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें शिक्षक भर्ती को रद्द कर दिया था। राज्य के स्कूल सेवा आयोग द्वारा राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन इसको हाईकोर्ट रद्द कर दिया था।
किसी के खिलाफ न उठाएं दंडात्मक कदम
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई किसी भी अधिकारी या उम्मीदवार के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाएगा।
हाईकोर्ट ने सुनाया वेतन वापस करने का फैसला
हाईकोर्ट ने नियुक्तियों को रद्द करते हुए फैसला सुनाया था कि एसएससी पैनल के समाप्त होने के बाद नौकरी पाने वालों को वेतन वापस करना होगा, क्यों कि उनका भुगतान जनता के पैसे से हुआ है। उनको 12 फीसदी सालाना ब्याज के हिसाब से वेतन चार सप्ताह के अंदर वापस करना होगा। हाईकोर्ट ने कहा था कि 15 दिन के अंदर फिर से प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, जिससे नए लोगों को नौकरी मिल सके।


