भोपाल। भूमि से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए प्रदेश में 15 जनवरी से अभियान चलेगा। इसमें अविवादित नामांकन और बंटवारे के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। वहीं, सीमांकन के कार्यों में भी गति लाई जाएगी। आबादी भूमि के स्वामित्व पत्रों का वितरण भी इस अभियान के दौरान किया जाएगा। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव ने बताया कि 29 जनवरी तक चलने वाले अभियान में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण, नए राजस्व प्रकरणों को राजस्व मैनेजमेंट में दर्ज करने सहित उत्तराधिकार नामांकन, सीमांकन आदि कार्य किए जाएंगे। इसके लिए पटवारी राजस्व रिकार्ड का वाचन करेंगे। समग्र में आधार की ई-केवाइसी कराने की सुविधा निश्शुल्क रहेगी। 31 दिसबंर 2023 तक की स्थिति में समय-सीमा पार कर चुके लंबित प्रकरणों को चिह्नित करके न्यायालय में नियमित सुनवाई कर नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख की त्रुटि ठीक की जाएगी। उत्तराधिकार नामांतरण संबंधी प्रकरणों का निराकरण भी किया जाएगा। अभियान के समन्वय के लिए अपर संचालक भू-अभिलेख प्रबंधन नमिता खरे को नोडल अधिकारी बनाया गया है।


