नई दिल्ली। ‘काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन्स’ (सीआईएससीई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के सोमवार को सुबह घोषित नतीजों में लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी। सीआईएससीई के एक अधिकारी ने बताया कि 99.47 प्रतिशत छात्रों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में सफलता हासिल की जबकि 98.19 फीसदी छात्रों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की। सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सचिव जोसेफ इमैनुअल ने कहा, ‘‘10वीं कक्षा में 99.31 प्रतिशत लड़के पास हुए जबकि 99.65 प्रतिशत लड़कियों ने सफलता हासिल की। इसी तरह, 12वीं कक्षा में लड़कों का पास प्रतिशत 97.53 रहा जबकि लड़कियों का पास प्रतिशत 98.92 प्रतिशत रहा।’’
10वीं कक्षा में इंडोनेशिया, सिंगापुर और दुबई के स्कूलों ने विदेशों में सबसे अच्छा 100 फीसदी प्रदर्शन किया। 12वीं कक्षा में सिंगापुर और दुबई के स्कूलों ने विदेशों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। आईसीएसई परीक्षा (10वीं कक्षा) 60 लिखित विषयों में करायी गयी थी जिनमें से 20 भारतीय भाषाओं, 13 विदेशी भाषाओं और एक शास्त्रीय भाषा में थी। आईसीएसई परीक्षाएं 21 फरवरी को शुरू हुईं और 28 मार्च को 18 दिन में खत्म हुईं। आईएससी परीक्षा (12वीं कक्षा) 47 लिखित विषयों में करायी गयी जिनमें से 12 भारतीय भाषाओं, चार विदेशी भाषाओं और दो शास्त्रीय भाषाओं में थी। आईएससी परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू हुई और चार अप्रैल को खत्म हुईं।
इस संबंध में काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISE)ने सभी स्कूल प्रमुखों कल ही पत्र जारी कर दिया था। परीक्षा में शामिल हुए छात्र अपना परिणाम सीआईएससीई की वेबसाइट http://cisce.org पर जाकर देख सकते हैं। लखनऊ से सीआईएससीई कोआर्डिनेटर माला मेहरा ने बताया कि इस बार लखनऊ से 10वीं और 12वीं में 10 हजार से अधिक बच्चे शामिल हुए थे। सख्त निगरानी में आयोजित हुई परीक्षा में सभी छात्र-छात्रायें शामिल हुए थे।


