
जो देश, प्रदेश अथवा समाज अपने संस्कारों और स्थानीय संस्कृति से जुड़े रहते हैं वह विकास के पथ पर कभी भी भ्रमित नहीं होते। बल्कि जिनकी जमीन और जुबान अपने होते हैं, उनका विकास अन्य लोगों की अपेक्षा सही दिशा की ओर बढ़ता है और निर्धारित लक्ष्य अनुसार उपलब्धियां को प्राप्त कर लेता है। इसे संतोषजनक प्रयास ही कहा जाएगा कि मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार विकास के पथ पर तो आगे बढ़ ही रही है, साथ में उसने अपनी संस्कृति और संस्कारों को भी चलायमान बनाए रखा है। शायद यही कारण है कि मध्य प्रदेश एक ओर जहां विज्ञान आधारित विकास की ओर तेजी से तरक्की कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अध्यात्म और धर्म आधारित पर्यटन प्रगति के नए आयाम गढ़ रहे हैं। अवश्य ही यह एक खूबसूरत संयोग है जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन के महाकाल लोक में रुद्र सागर पर बने सेतु का लोकार्पण कर दिया है, तो वहीं यह सुनिश्चितता भी कर दी है कि उज्जैन केवल धर्म अथवा अकेले विज्ञान आधारित विकास को लेकर समुचित प्रगति को प्राप्त नहीं कर सकता। आवश्यकता इस बात की है कि हम एक ओर आधुनिकता आधारित उपलब्धियों को हासिल करें वही अपना धर्म, अपनी संस्कृति और अपने संस्कारों को भी मजबूती प्रदान करते जाएं। इससे समाज का सर्वांगीण विकास सही दिशा को प्राप्त कर सकेगा। इसी दृष्टिकोण के तहत मध्यप्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि इस क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, धार, देवास और शाजापुर को जोड़कर बृहद औद्योगिक परियोजना बनाई जाएगी। इसमें लगभग 9000 वर्ग किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह तो हो गई उज्जैन और उसके आसपास स्थित मालवा क्षेत्र के विकास की बात, प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी तरक्की के कुछ ऐसे ही मिले-जुले आयाम गढ़े जा रहे हैं। इसका प्रमाण ओरछा का रामराजा लोक कहा जा सकता है। सभी जानते हैं कि रामराजा लोक बहुत तेजी से अपने ऐतिहासिक ऐश्वर्य और वैभव की ओर लौट रहा है। एक वृहद योजना के तहत ओरछा नगरी उस वैभवशाली अतीत से साक्षात हो रही है, जो एक समय विकसित समाज के लिए आदर्श हुआ करती थी। इसी योजना के तहत अभी तक रामराजा मंदिर को हर दृष्टिकोण से चमक दमक युक्त किया जा रहा है। काफी हद तक इस बाबत सुधार आ चुका है, शेष विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। अब विकास के दूसरे चरण में बुंदेला राजवंश द्वारा स्थापित ओरछा की पुरानी इमारतों को भी नवीनता प्रदान करने का कार्य शुरू हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि जब यह पूरी तरह से सुव्यवस्थित हो जाएगा तब यहां आने वाले धर्मावलंबी 500 साल पुराने बुंदेला राजवंश के ऐश्वर्य और वैभव को प्रत्यक्ष रूप से देख पाएंगे। लेकिन सवाल उठता है कि इससे वर्तमान समाज को क्या लाभ होने वाला है ? जवाब यह है कि जब से महाकाल लोक और राम राजा लोक का जीर्णोद्धार हुआ है, तब से यहां पर्यटन कई गुना बढ़ चुका है। केवल देश और प्रदेश के ही नहीं बल्कि विदेश और विश्व के श्रद्धालु तथा पर्यटक इन दोनों स्थानों पर लगातार बढ़ रहे हैं । इससे स्थानीय होटल, लॉज और परिवहन जैसे व्यवसाय फल फूल रहे हैं तो वहीं स्थानीय लोगों का व्यापार और दुकानदारी नई गति पकड़ रहे हैं । यही नहीं आसपास के शहरों और जिलों पर भी इस तरक्की का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अब बात करते हैं उसे विकास की जो आर्थिक तरक्की के लिए बेहद आवश्यक हो चला है। जाहिर है उसे बड़े, छोटे और मझौले उद्योगों के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। तो उसके लिए प्रतिदिन ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर रणनीतियां बनाई जा रही हैं । खास बात यह है कि इस समिट को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्ण संरक्षण मिला हुआ है। संभवतः यही कारण है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन श्री मोदी के हाथों ही होने जा रहा है। जाहिर है इसमें आने वाले देश विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपति मध्य प्रदेश की रीति नीति और विकास के प्रति उसके संकल्प से परिचित होंगे। शासन आश्वस्त है कि इस कार्यक्रम के संपन्न होने के पश्चात प्रदेश में उद्योगों और नौकरियों की बड़ी खेप उपलब्ध होने जा रही है। लिखने का आशय यह कि मध्य प्रदेश का विकास एक तरफ ना होकर सर्वांगीण दिशाओं की ओर रुख कर रहा है। इससे संतुष्ट हुआ जा सकता है कि आने वाले समय में जब हम विकसित मध्य प्रदेश से साक्षात होंगे, तब यहां केवल भौतिक विकास की अवधारणा अकेली नहीं होगी। बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और धर्म आदि का समावेश भी उत्कृष्टता के साथ कदमताल करता नजर आने वाला है। हमारे धार्मिक ग्रंथो में ऐसे ही समुचित विकास को रामराज कहा गया है, जहां समाज, संस्कार, धर्म, व्यवसाय अर्थात धर्म अर्थ काम मोक्ष के बीच बेहद संतुलित सामंजस्य स्थापित रहता है। फल स्वरुप ऐसे राज्य में दैहिक, दैविक अथवा भौतिक विकार उत्पन्न नहीं हो पाते। इसीलिए राम राज का वर्णन करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री रामचरितमानस में लिखा है –
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
रामराज काहू नहीं व्यापा।।
विकास की इसी अवधारणा को लेकर मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार जब आगे बढ़ रही है तो फिर इस प्रदेश के सभी नागरिक संतुष्ट हो सकते हैं कि आने वाला समय मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास का ही है।


