नई दिल्ली| उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग से 17वें दिन निकाले गए श्रमवीरों की सेहत बेहतर है। इस समय भी वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं। इस बीच श्रमवीरों की जान बचाने वाले रैटमाइनर्स को लेकर उत्तराखंड सरकार ने बड़ी घोषणा कर दी है। एक साथ 41 जिंदगियों को जीवनदान देने वाले प्रत्येक रैट माइनर्स को सरकार 50-50 हजार का ईनाम देगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रैट माइनर्स का धन्यवाद करते हुए मैन्युअल खुदाई करने वालों की भूरि भूरि प्रशंसा की है।
21 घंटे में खोद डाला था पहाड़ : श्रमवीरों और जिंदगी के बीच बाधा बने पहाड़ को इन रैट माइनर्स ने 21 घंटे के अंदर सिर्फ अपने हाथ से ही खोद डाला था। 12 मीटर की खुदाई के लिए आगर मशीन भी खंडित हो गई थी। कई लोगों को कोई चारा ही नहीं सूझ रहा था कि अचानक माइनर्स ने बाजी ही पलट दी।
20 दिन की छुटटी : सिलक्यारा सुरंग से बाहर निकलकर आए सभी मजदूरों को 20 दिन की सवैतनिक छुटटी दी जाएगी। इसके बाद यह सभी अपने अपने घर जाएंगे। अपने परिजन से मिलेंगे। इसके साथ ही सभी मजदूरों को एक एक लाख रुपए का चेक भी देने का आदेश जारी किया गया है।
बनेगा बौखनाथ मंदिर : मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आस्था को देखते हुए सुरंग के मुहाने पर ही बाबा बौखनाथ मंदिर बनाए जाने का आदेश जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों ने सुरंग निर्माण करते समय मंदिर हटाने पर आपत्ति जाहिर की थी। इस आपदा का कारण दैवीय भी बताया गया।


