एजेंसी, मुंबई। बीते सप्ताह अमेरिका में एच1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि के कारण शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। अब निवेशकों की नजर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के बयान और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है। एमपीसी की बैठक 29 सितंबर से शुरू होगी, और इसका बयान 1 अक्टूबर को जारी होगा। घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, 29 सितंबर को औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और 1 अक्टूबर को विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े जारी होंगे। ये तीनों कारक वैश्विक परिस्थितियों के साथ मिलकर निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे।
पिछला सप्ताह रहा निराशाजनक
घरेलू शेयर बाजारों के लिए बीता सप्ताह भूलने योग्य रहा। बीएसई सेंसेक्स 2,199.77 अंक (2.66%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 672.35 अंक (2.65%) टूटकर 24,654.70 अंक पर आ गया। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा एच1बी वीजा शुल्क को एक लाख डॉलर करने के आदेश से भारतीय और अन्य देशों की आईटी कंपनियों पर असर पड़ा, क्योंकि ये कंपनियां विशेषज्ञता वाले कार्यबल के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।
आईटी शेयरों में भारी गिरावट
एच1बी वीजा शुल्क वृद्धि का सबसे ज्यादा असर आईटी कंपनियों पर पड़ा। टेक महिंद्रा के शेयर में 9.43%, टीसीएस में 8.51%, ट्रेंट में 7.84%, इंफोसिस में 5.95%, एशियन पेंट्स में 5.72%, और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 5.44% की गिरावट दर्ज की गई। टाटा मोटर्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सनफार्मा, और टाइटन के शेयर 4-5% के बीच लुढ़के। अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, और बजाज फिनसर्व में 3% से अधिक की गिरावट देखी गई। सेंसेक्स की 30 में से 27 कंपनियों के शेयरों में साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई।
मझौली और छोटी कंपनियों का बुरा हाल
मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी भारी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 4.40% और स्मॉल कैप-100 सूचकांक 5.10% टूट गया। केवल तीन कंपनियों के शेयरों में साप्ताहिक बढ़त देखी गई। मारुति सुजुकी का शेयर 2.49%, एक्सिस बैंक का 1.57%, और एलएंडटी का 1.50% बढ़ा। आने वाले सप्ताह में मौद्रिक नीति, औद्योगिक उत्पादन, और पीएमआई आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।


