विश्व स्तरीय कौशल से युक्त विकास दौड़ेगा करोड़ों के राष्ट्रीय राजमार्गों पर

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मध्य प्रदेश का चौतरफा विकास हो, इस सोच को लेकर डॉक्टर मोहन यादव की भाजपा सरकार प्रतिदिन नए आयाम गढ़ रही है। इसलिए केवल भौतिक निर्माण पर ही केंद्रित न रहकर प्रदेश सरकार ने हर दृष्टि से मानव और जीव मात्र का भला करने की ठानी है। यही कारण है कि एक ओर युवाओं के विश्व स्तरीय कौशल उन्नयन पर जोर दिया जा रहा है। किसानों से गेहूं की अधिकतम खरीदी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और गेहूं की खरीदी भी शुरू हो गई है। करोड़ों की लागत से गौशालाओं के उन्नयन हो रहे हैं तथा नए गौ अभ्यारण्यों के शिलान्यास आकर ले रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इस काम के लिए प्रदेश की महिलाओं को उत्साहित किया जा रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित हों। इसके लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह प्रदेश की राजधानी भोपाल में आ रहे हैं । जाहिर है यहां से नई सौगातें मध्य प्रदेश को मिलने जा रही हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अब मध्य प्रदेश की चौसर पर ऐसी बिसात बिछा दी है जो परिणाम के रूप में चौतरफा विकास से लोगों को रूबरू करने जा रही है। बात मध्य प्रदेश में आकर लेने जा रहे नए राजमार्गों की बात से करते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के भागीरथी प्रयासों के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 34 पर 531 करोड़ की लागत से सड़कें नया आकार लेने जा रही हैं। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बेहद शानदार समझ स्थापित कर रखी है । फल स्वरुप मध्य प्रदेश को एक के बाद एक नई सड़कें मिलती चली जा रही हैं । इससे आवागमन तो सुलभ हुआ ही है साथ में माल ढुलाई और आसान हुई है। जिसके चलते मध्य प्रदेश में व्यापार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है । यही वजह है कि यहां का किसान हो अथवा व्यापारी और उद्योगपति, सभी लोग आर्थिक रूप से समृद्धि प्राप्त करने में सफलता अर्जित कर रहे हैं। किसानों से ही संबंधित दूसरी अच्छी खबर यह है कि मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र को ताकीद किया है कि एसपी पर किसानों की फसल हर हाल में खरीदी जानी चाहिए । किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े और समय पर भुगतान भी मिल जाए, इसके इंतेजामत सरकार की ओर से किया जा चुके हैं। नतीजतन जिस तीव्रता के साथ खेत खलियानों से फसल बाजार में पहुंच रही है, उसी तेजी के साथ पैसा किसानों के पास आ रहा है और उसकी व्यय क्षमता में लगातार इजाफा हो रहा है। यह बात इससे समझी जा सकती है कि वर्तमान में अधिकांश दोपहिया और चार पहिया लग्जरी वाहन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों द्वारा ही खरीदे जा रहे हैं। इनके द्वारा स्थाई संपत्तियां खरीदी जाने से भी बाजार में पैसा बरस रहा है। यानि किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब फल मिल रहा है । सरकार को राजस्व प्राप्त हो रहा है और बाजार में पैसे के घूमने से लोगों की स्थिति सुधर रही है। इसके बाद बारी आती है प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय कौशल उपलब्ध कराने और उसके उन्नयन करने की। इससे बारे में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने स्थानीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं । ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहां की सभी सीटों का भरना सुनिश्चित किया जाए। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगार परक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन किया जाए । साथ में उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। यानि बाजार में जिस हुनर की मांग है सरकार वह युवाओं को उपलब्ध कराने जा रही है। ताकि एक ओर औद्योगिक क्षेत्र को कुशल और प्रशिक्षित कारीगर उपलब्ध हो सकें तो वहीं दूसरी ओर युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। अंत में बात करते हैं गौ माता की । हम सब जानते हैं कि कई दशकों से गायों का सड़कों पर बेसहारा घूमना बड़ा मुद्दा बना हुआ है। राजनेता इस बारे में शाब्दिक जुगाली तो खूब करते हैं, लेकिन गौ माता के भले के लिए निर्णायक कदम नहीं उठाते। नतीजा यह है कि दूध देने में अक्षम हो चुकी गायें राजमार्गों पर ठोकर खाती फिर रही हैं । भारी वाहनों की टक्कर से उनकी मौत हो जाती है या फिर लहू लुहान होकर उनका जीवन मृत्यु से भी बदतर हो जाता है। लेकिन डॉक्टर मोहन यादव की भाजपा सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।अब विभिन्न जिलों में नई गौशालाओं के निर्माण की शुरुआत होने लगी है। पुरानी गौशालाएं उन्नत की जा रही हैं । वहीं बड़े-बड़े गौ अभयारण्य आकार लेने लगे हैं। इससे एक और गायों की हालत में सुधार आएगा । दूसरी ओर दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा । इसके साथ गोबर गोमूत्र आदि से कई उत्पाद निर्मित किए जाएंगे। इससे गौ आधारित खेती को भी बढ़ावा मिलने वाला है । कुल मिलाकर मध्य प्रदेश प्रत्येक मामले में विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है।

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