वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया अंतरिम बजट 2024, इनकम टैक्स में नहीं दी राहत

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के खत्म होने से पहले अंतरिम बजट 2024 संसद में पेश किया। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी मोदी सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। लोकसभा चुनाव होने के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने अपने कामकाज से असली सेकुलरिज्म दिखाया है। उन्होंने वित्तीय हालात मजबूत होने की बात कही। साथ ही कहा कि किसानों, युवाओं और महिलाओं के हित में सरकार ने काम किया है। निर्मला सीतारमण ने अमृतकाल के बारे में कहा कि इस दौरान देश के हर क्षेत्र का विकास हुआ है। इसके अलावा रोजगार और आय भी बढ़ी है। आयकर यानी इनकम टैक्स दरों में कोई राहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नहीं दी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 5 साल में और 2 करोड़ पीएम ग्रामीण आवास बनाए जाएंगे। अभी 3 करोड़ आवास का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोशिश जारी रहेगी। इसके अलावा नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कमेटी बनेगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नई योजना लाने का भी उन्होंने एलान किया। 3 नए रेल कॉरिडोर बनाने की बात भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कही। 41000 रेल डिब्बे वंदे भारत के तहत बनाने की योजना भी है। मौजूदा हवाई अड्डों के विकास पर काम होगा। 2 और 3 टियर शहरों में विमानन सेवा शुरू करने पर भी सरकार जोर देगी। सौर ऊर्जा वाले 1 करोड़ घरों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने की बात भी उन्होंने कही। सर्वाइकल कैंसर से रोकथाम के लिए 9 से 14 साल की बच्चियों को सरकार टीका लगवाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2024 के भाषण में कहा कि पर्यटन में अपार अवसर है। राज्यों को इस बारे में प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्यटक केंद्रों को रेटिंग दी जाएगी। राज्यों को पर्यटन के विकास के लिए ब्याज मुक्त कर्ज मिलेगा। लक्षद्वीप समेत अन्य जगह पर्यटन परियोजना शुरू होगी। इससे रोजगार देने में भी मदद मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि 506 बिलियन डॉलर एफडीआई हुआ। ये पहले के मुकाबले दोगुना है। वित्तीय साझेदारों के साथ द्विपक्षीय निवेश संधियों पर सरकार बातचीत कर रही है। विकसित भारत के लिए राज्यों में 75000 करोड़ का निवेश प्रस्ताव भी बजट में दिया गया। उन्होंने बताया कि राजकोषीय हानि जीडीपी के 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है। इसे 4.5 फीसदी लाने का काम करने की जानकारी वित्त मंत्री सीतारमण ने दी। इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकार प्रोत्साहन देगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले वक्त के मुकाबले टैक्स भरने वालों की संख्या बढ़ी है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि टैक्स का काम पहले से सरल हो गया है। अब रिफंड 10 दिन में दिया जाता है। प्रत्यक्ष कर और आयात शुल्क के अलावा अप्रत्यक्ष कर में कोई बदलाव वित्त मंत्री ने नहीं किया है। अभी नई टैक्स नीति में 7 लाख तक की छूट दी जाती है। पुरानी टैक्स नीति में 5 लाख की छूट है। वित्त मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन नीति में भी बदलाव करने का कोई एलान नहीं किया। कॉरपोरेट टैक्स को घटाकर 22 फीसदी किया गया है।

अंतरिम बजट से रेलवे को क्या मिला?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व अंतरिम बजट पेश किया। चुनाव से पहले पेश होने वाले बजट को अंतरिम बजट कहा जाता है। इसके बाद जिस किसी भी दल की सरकार बनती है, तो वो पूर्ण बजट पेश करती है। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी जुलाई माह में केंद्र की मोदी सरकार की ओर से पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। उधर, लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अंतरिम बजट में सरकार की ओर से कई बड़े ऐलान किए गए हैं, लेकिन करदाताओं को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गई है, जिसके बाद से आर्थिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही है, मगर इस बीच देश का एक बड़ा तबक यह जानने के लिए आतुर है कि आखिर रेलवे को लेकर वित्त मंत्री की ओर से बजट में क्या कुछ प्रावधान किए गए हैं, तो आइए आगे आपको तफसील से सबकुछ बताते हैं।

रेलवे को लेकर बजट में क्या है?
इस अंतरिम बजट में रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बजट में रेल के सामान्य बोगियों को स्टैंडर्ड बोगियों में तब्दील करने का भी फैसला किया गया। अब सभी ट्रेनों में वंदे ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाली नई बोगियों का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही इस साल स्वीपर सेल वाली ट्रेनों के भी शुरू होने की संभावना है। बता दें कि अभी 44 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। अभी सरकार का फोकस यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर हैं। यही नहीं, बजट में तीन नए रेल कॉरिडोर का भी ऐलान किया गया है, जिसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा, जिसमें पोर्ट कनेक्टिविटी, एनर्जी मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर शामिल है। इससे रेलवे प्रोग्राम को नई पहचान मिलेगी। बहरहाल, अब आगामी दिनों में इन ऐलानों को जमीन पर कब तक उतारा जाता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेगी, लेकिन आइए उससे पहले आपको पुराने बजट में रेलवे को लेकर क्या कुछ ऐलान किया गया था। इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

पुराने बजट में क्या है ऐलान? : ध्यान दें, पुराने बजट में रेलवे की आधारिक संरचना को विकसित करने दिशा में ध्यान दिया गया था। सरकार अब तक 400 वंदे भारत ट्रेनों को बनाने का ऐलान कर चुकी है। गत वित्त वर्ष रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था।

चुनावी साल के बावजूद भी सरकार ने करदाताओं को लेकर नहीं बरती नरमी, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अंतरिम बजट पेश किया है। अप्रैल-मई में लोकसभा के चुनाव होने हैं। आमतौर पर चुनाव से पहले पेश होने वाले बजट को अंतरिम बजट कहा जाता है। इसके बाद जिसकी भी सरकार बनती है, उसे पूर्ण बजट पेश करना होता है। ऐसे में माना जा रहा है कि जुलाई में सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। वहीं, आज केंद्रीय मंत्री ने अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें उन्होंने देश के विभिन्न तबकों को साधने के मकसद से कई लोकलुभावने वादे किए। ऐसे में इन वादों का जमीनी स्तर पर क्या असर देखने को मिलता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन आइए उससे पहले हम आपको बजट में टैक्स स्लैब को लेकर क्या कुछ फैसला लिया गया है, उसके बारे में तफसील से बताते हैं।

आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से टैक्स स्लैब में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, बजट पेश होने से पूर्व इस बात की संभावना प्रबल थी कि आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए करदाताओं को आर्थिक मोर्चे पर राहत देने के मकसद से टैक्स स्लैब में कटौती की जा सकती है, लेकिन वित्त मंत्री ने टैक्स में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया। इस बीच उन्होंने देश के सभी टैक्स पेयर्स का धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री ने करदाताओं को कहा कि आपके पैसे का सरकार सही जगह पर इस्तेमाल कर रही है। आपके पैसों का इस्तेमाल देश के विकास में हो रहा है, लिहाजा आपको किसी भी प्रकार से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि, गत वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्री ने टैक्स पेयर्स को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सौगातें दीं दी थीं, लेकिन इस बार जब लोकसभा चुनाव भी सिर पर है, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की राहत टैक्स पेयर्स को नहीं दी है। पहले पांच लाख रूपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना पड़ता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया गया। इसके साथ ही 50 हजार का स्टैंडर्ड डिसक्शन भी दिया गया था। यही नहीं, सरकार ने 10 करोड़ से ज्यादा के लॉन्ग टर्म के कैपिटल गैन को भी छूट देने का ऐलान किया था। अब इस पर 20 प्रतिशत कर लगता है। आइए, अब आगे आपको नए और पुराने टैक्स स्लैब का पूरा चार्ट दिखाते हैं।

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