नई दिल्ली| वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में सोमवार को विपक्षी दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के नुमाइंदे और मुस्लिम समाज के आम लोग धरने में शामिल हुए। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी, सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी, कांग्रेस सांसद इमरान मूसद समेत कई नेताओं ने वक्फ बिल पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने धरनास्थल पर अपने संबोधन में कहा कि वक्फ की लड़ाई में वह अगली सफ (पंक्ति) में खड़े होंगे। ख़ून की जरूरत पड़ेगी तो ख़ून देंगे। लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह ने कहा कि हमारी लड़ाई केवल वक्फ की नहीं है बल्कि, संविधान बचाने की है। जुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ है। हमारा संविधान सबको बराबरी का हक, इंसाफ देता है। बोर्ड ने तय कार्यक्रम के तहत सोमवार से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट शुरू किया है। स्पष्ट संदेश के साथ कि वक्फ के मुद्दे पर वह पीछे नहीं हटने वाले। सरकार को ये संशोधन का इरादा छोड़ना होगा।
रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी ने कहा कि सरकार मजहबी मामलों में दखल दे रही है। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने फिर सख्त अल्फाजों में कहा कि ये मुसलमानों की बर्बादी का बिल है। बोर्ड के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने कि सान आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि अगर बिल पारित होता है तो किसानों की तरह ये आंदोलन चलेगा। सनद रहे कि वक्फ को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार विरोध सामने आ रहे हैं। पटना और विजयवाड़ा में आंदोलन चल रहा है और अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट शुरू हो गया है। खास बात ये है कि इसमें मुस्लिम समुदाय के हर तबके, मसलक और फिक्र के लोग एक मंच पर इकट्ठा होकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। एआईएमआईएम के नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये असंवैधानिक बिल है, इसलिए इसका विरोध करना जरूरी है। ये बिल वक्फ संपत्तियों की सुर क्षा के लिए नहीं बल्कि उन्हें खत्म करने के लिए लाया जा रहा है। उन्हेांने कहा कि इससे दो समुदायों के बीच दूरियां पैदा होंगी।


