एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों को घुसपैठ के जरिए देश की जनसांख्यिकी बदलने की एक पूर्व-नियोजित साजिश के प्रति आगाह किया और इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी देश घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के पूर्वजों ने भारतीयों को आजादी दिलाने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और यह देश के नागरिकों का कर्तव्य है कि वे ऐसी गतिविधियों को स्वीकार न करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश को एक ऐसी चिंता के प्रति आगाह करना चाहता हूं, जो एक संकट के रूप में उभर रही है। एक पूर्व-नियोजित साजिश के तहत, देश की जनसांख्यिकी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं।’’
हमारे युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं घुसपैठिए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘ये घुसपैठिए हमारे युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। ये घुसपैठिए हमारे देश की बेटियों और बहनों को निशाना बना रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को बेवकूफ बनाकर उनकी वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकीय मिशन शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की, ‘‘लाल किले की प्राचीर से, मैं कहना चाहता हूँ कि हमने एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकीय मिशन शुरू करने का फैसला किया है। यह मिशन इस गंभीर संकट से निपटेगा और एक निश्चित समय-सीमा में हमारे देश पर मंडरा रहे संकट का समाधान करेगा। हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’ मोदी ने चेतावनी दी कि जब जनसांख्यिकीय परिवर्तन होते हैं, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में, तो वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा करते हैं। मोदी ने कहा, ‘‘यह हमारी एकता, अखंडता और प्रगति के लिए भी संकट पैदा करता है। यह सामाजिक तनाव के बीज बोता है। दुनिया का कोई भी देश खुद को घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता, तो फिर हम भारत को उनके हवाले कैसे कर सकते हैं।’’
हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान देकर हासिल की आजादी
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान देकर आजादी हासिल की। उन्होंने हमें एक स्वतंत्र भारत दिया और हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसी गतिविधियों को स्वीकार न करें। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’’ मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान घुसपैठ की चेतावनी देते हुए अपने चुनाव अभियान में ‘घुसपैठिया’ शब्द का इस्तेमाल किया था। भाजपा पश्चिम बंगाल और झारखंड में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों द्वारा आदिवासी लड़कियों से शादी करने का मुद्दा उठाती रही है। पार्टी ने असम में भी अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाया है।
लाल किले की प्राचीर से पहली बार PM मोदी ने की RSS की सराहना, कहा- संघ पर गर्व करता है देश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पहली बार ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सराहना करते हुए शताब्दी वर्ष पर उसे शुभकामनायें दी और कहा कि संघ राष्ट्र निर्माण के काम में जुटा हुआ है। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन में लाल किले की प्राचीर से संघ के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा, “ कोटि- कोटि जनों के पुरुषार्थ से आज से सौ साल पहले इस संगठन का जन्म हुआ। इसकी सौ वर्ष की राष्ट्रीय सेवा गौरवपूर्ण है। राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर, मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संगठन के लोगों ने जीवन समर्पित किया है।” उन्होंने कहा, “सेवा, समर्पण और अनुशासन संघ के स्वयंसेवकों की पहचान रही है। यह संगठन दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) है। हम इसके सौ साल के इतिहास को आदरपूर्वक स्मरण करते हैं। यह संगठन व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज मैं गर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं। आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ के लोग 100 साल से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। बीते 100 साल के दौरान देश की यात्रा में संघ का अहम योगदान है। पीएम मोदी ने कहा कि सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासन संघ की पहचान रही है। उन्होंने कहा, “ आज लाल किले की प्राचीर से वह उन स्वयंसेवकों को पूरे आदर के साथ याद करना चाहते हैं, जिन्होंने 100 साल की यात्रा में योगदान दिया है। पीएम मोदी ने कहा, “देश संघ पर गर्व करता है और संघ की यह भव्य एवं समर्पित यात्रा हमें प्रेरित करती रहेगी।”
दुनिया में अपना लोहा मनवा रहा मेड इन इंडिया पेमेंट सिस्टम, अकेले UPI की 50% हिस्सेदारी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में होने वाले कुल तत्काल डिजिटल लेनदेन में अकेले यूपीआई की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, ”आज हमारा यूपीआई मंच दुनिया को एक अजूबा लग रहा है… हमारे पास (आत्मनिर्भर बनने की) क्षमता है।” उन्होंने कहा, ”दुनिया में कुल तत्काल डिजिटल लेनदेन का 50 प्रतिशत अकेले यूपीआई के माध्यम से हो रहा है।” वर्ष 2016 में शुरु होने के बाद से, यूपीआई ने लेनदेन की मात्रा और मूल्य दोनों के मामले में तेजी से वृद्धि की है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूपीआई ने 18,587 करोड़ लेनदेन और 261 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन मूल्य को दर्ज किया। इसके अलावा, जुलाई 2025 में यूपीआई ने 1,947 करोड़ लेनदेन कर एक और मील का पत्थर हासिल किया। यूपीआई पहले से ही सात देशों में उपलब्ध है, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस शामिल हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में मोदी ने कहा कि करोड़ों लोग इस योजना से लाभान्वित हुए और अपना छोटा व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम हुए हैं।
दूर दराज के इलाकों में खेल के प्रचार का लक्ष्य, राष्ट्रीय खेल नीति से मिलेगी मदद: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह देश के दूर दराज के इलाकों में खेलों का प्रचार करना चाहते हैं और हाल ही में स्वीकृत राष्ट्रीय खेल नीति 2025 से इस लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लालकिले से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा ,‘‘ हम दूर दराज के इलाकों में खेलों का प्रचार प्रसार करना चाहते हैं। राष्ट्रीय खेल नीति से इसमें मदद मिलेगी।’’ प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025 को पिछले महीने मंजूरी दी थी। यह देश के खेल परिदृश्य को नये सिरे से तैयार करने और खेलों के जरिये नागरिकों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। नयी नीति ने 2001 की राष्ट्रीय खेल नीति की जगह ली है। यह भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने और 2036 ओलंपिक समेत बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मजबूत दावेदार बनाने के लिये रोडमैप तैयार करती है।


