नई दिल्ली| भारत-चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव अब खत्म होता दिख रहा है. पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है. डेमचौक में बड़ा डेवलेपमेंट हुआ है, दोनों तरफ से अब तक पांच टेंट हटा लिए गए हैं. और अन्य टेंट हटाने की प्रक्रिया जारी है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक गुरुवार, 24 अक्टूबर की रात तक लगभग आधे टेंट हटाए जा चुके हैं. बताया गया है कि एक बार जब सभी टेंट और अस्थायी ढांचे पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे, तो दोनों देशों की एक संयुक्त सत्यापन प्रक्रिया शुरू होगी. सत्यापन जमीन पर और हवाई सर्वेक्षण दोनों के माध्यम से किया जाएगा, हालांकि वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच आपसी विश्वास के आधार पर काम आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक डेमचौक एरिया में भारतीय सैनिक चार्डिंग नाला के पश्चिमी हिस्से में पीछे हट रहे हैं. वहीं चीनी सैनिक नाला के पूर्वी हिस्से की ओर पीछे हट रहे हैं. दोनों तरफ करीब 10 से 12 अस्थायी ढांचे और करीब 12 तंबू बने हुए हैं जिन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है.
उधर, देपसांग पॉइंट में चीनी सेना के टेंट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच तिरपाल का इस्तेमाल कर अस्थायी व्यवस्था कर रखी है. हालांकि देपसांग में भी अब तक आधे ढांचे हटाए जा चुके हैं. चीनी सेना ने इलाके में अपने वाहनों की संख्या भी कम कर दी और भारतीय सेना ने भी वहां से कुछ सैनिक कम कर दिए हैं. खबर के मुताबिक हर सुबह दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडर दिन में होने वाले कामों पर चर्चा करने के लिए हॉटलाइन कॉल करते हैं. फिर वे तय की गई जगह पर जाकर मिलते हैं. गलवान सहित चार बफर जोन पर चर्चा अभी तक नहीं हुई है. बताया जाता है कि एक बार जब डेमचोक और देपसांग में गश्त फिर से शुरू हो जाएगी, तो कोर कमांडर स्तर की वार्ता में बफर जोन में गश्त फिर से शुरू करने की बात की जाएगी.
21 अक्टूबर को भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन के बीच एलएसी पर पेट्रोलिंग को लेकर एक समझौता होने का एलान किया था. मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देशों के बीच सीमा से सेना हटाने को लेकर सहमति बन गई है. इसके कुछ घंटे बाद चीन ने भी पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध खत्म करने के लिए भारत के साथ समझौता होने की पुष्टि की थी. भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का कहना था कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच सीमा पर साल 2020 से पहले की स्थिति बहाल होगी. यानी साल 2020 में भारतीय सैनिक जिस जगह गश्त कर रहे थे, अब फिर से वहीं पर गश्त कर सकेंगे. साल 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों के साथ ही कई चीनी सैनिकों की भी मौत हुई थी. तब से ही दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था. ऐसे में अब जो सहमति बनी है वो दोनों को राहत देने वाली है.


