'रोग पंचक'

मई में शुरू हो रहा ‘रोग पंचक’ का अशुभ दौर, इन तीन राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

धर्म-आस्था

एजेंसी, नई दिल्ली। ‘रोग पंचक’ : हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को अत्यंत संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए कई कार्य शुभ फल देने के बजाय बाधाएं और परेशानियां लेकर आते हैं। मई 2026 में पंचक की शुरुआत 10 मई, रविवार से हो रही है। रविवार से आरंभ होने वाले पंचक को ज्योतिष में ‘रोग पंचक’ कहा जाता है। इसे विशेष रूप से स्वास्थ्य, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों से जोड़कर देखा जाता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार का रोग पंचक कुछ राशियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। खासकर तीन राशियों के जातकों को धन हानि, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और कीमती वस्तुओं के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें इस दौरान हर कदम बेहद सावधानी के साथ उठाने की सलाह दी गई है।

वृषभ राशि वालों को धन और स्वास्थ्य दोनों में सतर्क रहने की जरूरत

वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस अवधि में आर्थिक मामलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है। घर, कार्यालय या यात्रा के दौरान कीमती सामान खोने अथवा चोरी होने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में नकदी, गहने और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जा रही है।

इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी चिंता बढ़ा सकती हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने या पुरानी बीमारी उभरने की संभावना बन रही है। इससे चिकित्सकीय खर्च बढ़ सकते हैं और बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान खानपान और दिनचर्या को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी होगा।

कन्या राशि के लोगों को करीबी लोगों से रहना होगा सावधान

कन्या राशि के जातकों के लिए भी रोग पंचक चुनौतीपूर्ण संकेत दे रहा है। इस समय विश्वासपात्र लोगों से भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, गहने या अन्य मूल्यवान वस्तुओं के चोरी होने या खोने की आशंका बन सकती है।

आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है। वहीं स्वास्थ्य को लेकर भी स्थिति सामान्य नहीं दिखाई दे रही। अचानक कमजोरी, तनाव या किसी बीमारी के कारण अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इससे मानसिक चिंता के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान अनावश्यक खर्चों से बचना और किसी भी बड़े निवेश को सोच-समझकर करना ही बेहतर रहेगा।

मकर राशि वालों को यात्रा में बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय भावनात्मक और आर्थिक दोनों स्तर पर चुनौतीपूर्ण रह सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान कोई ऐसी प्रिय वस्तु खोने की संभावना है, जिसका भावनात्मक महत्व बहुत अधिक हो सकता है।

यात्रा के दौरान सामान की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है। खासकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बैग, पर्स और जरूरी दस्तावेजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होगा। कुछ लोगों के लिए जल्दबाजी या असावधानी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

इसके अलावा स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। थकान, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण शारीरिक कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए पर्याप्त आराम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जा रही है।

रोग पंचक के दौरान क्यों बढ़ जाती हैं परेशानियां

ज्योतिष शास्त्र में पंचक को पांच विशेष नक्षत्रों का समूह माना जाता है। जब चंद्रमा इन नक्षत्रों में प्रवेश करता है, तब पंचक काल आरंभ होता है। रविवार से शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है और इसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, मानसिक तनाव और अनचाहे खर्चों से जोड़कर देखा जाता है।

मान्यता है कि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति के निर्णय प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि पंचक काल में कई शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।

अशुभ प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रोग पंचक के दौरान कुछ धार्मिक उपाय करने से नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।

हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का करें पाठ

इस अवधि में प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे भय और नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही गायत्री मंत्र का नियमित जाप मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप देगा राहत

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप लाभकारी बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंत्र रोगों और संकटों से रक्षा करने वाला माना जाता है। कई लोग इस दौरान विशेष पूजा और अनुष्ठान भी करवाते हैं।

कीमती सामान की सुरक्षा रखना बेहद जरूरी

ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अपने गहनों, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। यात्रा करते समय अनजान लोगों पर भरोसा करने से बचें और अपने सामान की जिम्मेदारी स्वयं संभालें।

दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह

पंचक काल में दक्षिण दिशा की यात्रा को शुभ नहीं माना जाता। यदि किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले हनुमान मंदिर में दीपक जलाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से संभावित बाधाएं और दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सकता है।

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि पंचक काल डरने का नहीं बल्कि सावधानी बरतने का समय होता है। यदि व्यक्ति सतर्कता और संयम के साथ अपने कार्य करे, तो कई परेशानियों से बचा जा सकता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। stpv.live एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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