एजेंसी, पुरी। ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं और शुक्रवार को इसमें भाग लेने के लिए लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक करीब एक लाख लोग पुरी पहुंच चुके थे और आज सुबह यह संख्या कई गुना बढ़ गयी। उन्होंने बताया कि देशभर और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के इस रथ यात्रा में भाग लेने की उम्मीद है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के प्रमुख प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा, ‘‘महाप्रभु (भगवान जगन्नाथ) की कृपा से हम शुक्रवार को रथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमें सेवादारों से पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।’’ शहर में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी है, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 8 टुकड़ियां भी शामिल हैं। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने कहा कि पहली बार पूरे महोत्सव पर करीबी नजर रखने के लिए पुरी में एक एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र खोला गया है। निगरानी के लिए पुरी में तथा उससे 35 किलोमीटर दूर व 13वीं शताब्दी के सूर्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध कोणार्क की सड़कों पर 275 से अधिक कृत्रिम मेधा (एआई) से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के स्नाइपर्स मंदिर के सामने ग्रैंड रोड पर छतों पर तैनात रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा पर लोगों को शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस अवसर पर सभी के लिए सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु समुद्र तटीय तीर्थ नगरी पुरी में उमड़े हैं।
अमित शाह ने श्री जगन्नाथ मंदिर में की मंगला आरती
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में अहमदाबाद के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में शुक्रवार को मंगला आरती की। शाह ने अपने परिवार के साथ आज 148वीं रथ यात्रा के पावन अवसर पर यहां भगवान श्री जगन्नाथ की मंगला आरती, पूजा-अर्चना कर भक्तिभाव से दर्शन किए। हर साल आषाढ़ी बीज (दूज) के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। अहमदाबाद शहर ही नहीं, बल्कि गुजरात और देश भर में लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ के लिए गहरी आस्था का प्रतीक है, उनकी रथयात्रा के इस पावन अवसर पर आज अहमदाबाद श्री जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष अविचलदासजी, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और सहकारिता राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, स्थानीय विधायक, संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में डीजे की तेज आवाज से तीन हाथी बेकाबू, भगदड़ में चार घायल
अहमदाबाद। भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान अहमदाबाद में तीन हाथियों के बेकाबू होने से अफरा तफरी मच गई। बताया जाता है कि यात्रा के दौरान तेज डीजे की आवाज के कारण एक हाथी अनियंत्रित हो गया और इधर-उधर दौड़ने लगा। लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, महावतों और वन विभाग की टीम ने स्थिति संभालते हुए हाथी को नियंत्रित किया। बेकाबू हुए तीनों हाथियों को यात्रा से हटा लिया गया। अब केवल 14 हाथी यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं। इस हादसे में तीन से चार लोग घायल हुए, जिनमें एक मीडियाकर्मी भी शामिल है। किसी को गंभीर चोट नहीं आई। ये लोग हाथी के पास खड़े थे और भगदड़ के दौरान गिर पड़े। राहत की बात यह रही कि हाथी के पहुंचने से पहले ही लोगों ने घायलों को सुरक्षित बचा लिया। जगन्नाथ यात्रा में सबसे आगे गजराज चलते हैं, जिनके साथ महावत और वन विभाग की टीम होती है।
जैसे ही हाथी बेकाबू होने लगे, वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। उनके पास ट्रैंक्विलाइज़र और अन्य उपकरण थे, जिनके ज़रिए उन्होंने हाथी को काबू में किया। इस कारण रथयात्रा को 15 मिनट के लिए रोकना पड़ा। मौके पर 108 एंबुलेंस बुलाई गई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। रथयात्रा सुबह 7 बजे जमालपुर मंदिर से शुरू हुई और रात 8:30 बजे तक मंदिर वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पाहिंद विधि के साथ यात्रा की शुरुआत की। सुबह 5 से 6 बजे के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ पर विराजमान किया गया। रथ के आगे सोने की झाड़ू से सफाई की परंपरा निभाई गई। इससे पहले, सुबह 4 बजे मंदिर में मंगला आरती हुई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और उनके परिवार ने हिस्सा लिया। भगवान को खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया। दूसरी ओर, पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ शाम 4 बजे खींचे जाएंगे, जबकि उदयपुर में भगवान 80 किलो चांदी के रथ में सवार होंगे।


