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मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले : सिंहस्थ 2028 के लिए बनेगा भव्य फोरलेन, किसानों को गेहूं पर बोनस और जल संवर्धन की सौगात

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एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए हैं, जिनमें सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर बड़ी सौगातें दी गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई इस बैठक में फोरलेन सड़क, जल महोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के इन फैसलों की विस्तृत जानकारी कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने मीडिया के साथ साझा की।

चेतन कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार ने बदनावर से टिमरनी के बीच फोरलेन सड़क निर्माण को अपनी स्वीकृति दे दी है। यह सड़क थांदला के पास आदिवासी अंचल से होकर गुजरेगी और दिल्ली-मुंबई 8-लेन मार्ग को जोड़ेगी। लगभग 3839 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह फोरलेन सड़क सिंहस्थ के दौरान राजस्थान और गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का मुख्य आधार बनेगी। इस परियोजना को 2027 तक, यानी सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

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बैठक में मुख्यमंत्री ने जल महोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान के बारे में भी जानकारी दी। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ समझौता किया जा रहा है। 22 मार्च तक अलग-अलग गांवों में जल महोत्सव मनाया जाएगा। जिन पंचायतों के हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है, वहां के कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही, ग्रीष्म ऋतु में गुड़ी पड़वा से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत होगी, जिसमें सभी जनप्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर भागीदारी करेंगे।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले:

  • किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस को मंजूरी दी गई है। अब 2625 रुपये की दर से गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी और इसके लिए सरकार अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करेगी।

  • उज्जैन के चिमनगंज से इंदौर रोड तक साढ़े पांच किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह सड़क महाकाल दर्शन के लिए आने वाली भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगी।

  • रीवा जिले में एक नई माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इससे 7 हजार 530 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे जिले की सिंचित योग्य भूमि का दायरा 92 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

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