मालवा-निमाड़। अंचल में सोमवार-मंगलवार को बेमौसम हुई वर्षा, ओलावृष्टि, तेज हवा चलने से काफी नुकसान हुआ है। ओ ले गिरने से खेतों में फसलें प्रभावित हुईं। तेज हवा से पेड़ गिरे, टीन शेड उड़ गए। कच्चे मकानों को भी क्षति पहुंची है। किसानों पर आई आपदा के मद्देनजर राजस्व और कृषि विभाग की टीम ने बुधवार को प्रभावित खेतों का दौरा किया। साथ ही किसानों से चर्चा की है। अधिकारी सर्वे के बाद रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार मुआवजा राशि देने की बात कह रहे हैं। अंचल के झाबुआ सहित कई जगह बुधवार को भी बादल छाए रहे। इधर किसान संगठन उचित मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति में आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। मौसम से बिगड़ी फसलों की हालात को देखते हुए किसानों में शासन के समर्थन मूल्य पर क्वालिटी वाले ही गेहूं खरीदने के आदेश के खिलाफ भी किसानों में आक्रोश है। इधर, राजस्व और कृषि विभाग ने फसलों का सर्वे शुरू कर दिया है। बता दें कि सोमवार रात बेमौसम वर्षा ने खंडवा जिले में फसलों को प्रभावित किया। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान जिले के हरसूद क्षेत्र के ग्रामों में हुआ है। पंधाना, खंडवा, पुनासा, किल्लौद सहित अन्य क्षेत्र भी नुकसानी से अछूते नहीं हैं। फसलों की स्थिति देख किसानों के आंखों में आंसू हैं। किसान सर्वे की मांग को लेकर तहसीलों में ज्ञापन दे रहे हैं।
बड़वानी जिले में मंगलवार को मौसम ने करवट बदली। शहर में तेज हवाएं चलीं। वहीं अंचल में आंधी ने पेड़ों को धराशायी कर दिया। टीनशेड उड़ गए। कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हुई। साथ ही खेतों में भी फसलों को नुकसान हुआ है। कुछ स्थानों पर तेज वर्षा के साथ चने बराबर ओेले भी गिरे। आंधी से गेहूं की फसल भी आड़ी हो गई। उज्जैन जिले में सोमवार शाम घट्टिया, उज्जैन तहसील के गांव में थोड़ी देर के लिए वर्षा हुई। कृषि विभाग के अनुसार अभी 200 हेक्टेयर में गेहूं की फसल में नुकसानी की बात सामने आई है। विभाग की टीम क्षेत्र में दौरा कर जानकारी ले रही है। देवास जिले के पानीगांव क्षेत्र में बुधवार दोपहर राजस्व विभाग का अमला पहुंचा। खेतों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार विजय तलवारे के अनुसार फसलों में अधिक नुकसान नहीं हुआ है। जिले के अन्य कुछ क्षेत्रों में भी राजस्व टीमें खेतों में पहुंची हैं, कहीं से भी गंभीर नुकसान की स्थिति प्रथमदृष्टया सामने नहीं आई है।
बुरहानपुर में प्रत्येक गांव के लिए गठित किया दल
कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर बुधवार को तहसीलदारों व अन्य अफसरों ने वर्षा से प्रभावित फसलों का खेतों में पहुंच कर निरीक्षण किया। इसमें नेपानगर के 40 गांवों में ज्यादा नुकसान होने और बुरहानपुर विकासखंड में पांच से दस गांवों में नुकसान की बात सामने आई है। कलेक्टर ने प्रत्येक गांव के लिए दल गठित कर दिया है, जो गुरुवार से सर्वे कर आरबीसी के तहत प्रकरण तैयार करेंगे। इसके बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई शुरू होगी।


