मालगुडी डेज फेम अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड
एजेंसी, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ और दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने का बड़ा फैसला लिया गया है। पांच दशक से भी अधिक लंबे और सफल फिल्मी सफर के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दादा साहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर इस बात की आधिकारिक घोषणा की है। टेलीविजन के कालजयी धारावाहिक मालगुडी डेज में अपने अभिनय से घर-घर में पहचान बनाने वाले अनंत नाग को यह सर्वोच्च सम्मान 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा।
🎬 5 दशकों से ज्यादा का सफर और 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय…
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
▪️संकल्प से शुरू हुआ अभिनय सफर कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों तक पहुंचा।
▪️हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी फिल्मों में किया काम।… pic.twitter.com/jb56S2Na7u— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) September 18, 2026
संकल्प से की थी करियर की शुरुआत
4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में जन्मे अनंत नाग का अभिनय सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म संकल्प से की थी। इसके बाद उन्होंने मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर से हिंदी सिनेमा के पर्दे पर कदम रखा। अपने 50 से अधिक वर्षों के लंबे कलात्मक सफर में उन्होंने केवल कन्नड़ और हिंदी ही नहीं, बल्कि तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सिनेमा की 300 से अधिक फिल्मों में यादगार और बहुआयामी भूमिकाएं निभाई हैं।
पुरस्कारों और सम्मानों से भरा शानदार सफर
अनंत नाग का फिल्मी करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्हें अब तक 5 फिल्मफेयर पुरस्कार और 5 कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार, कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार और कर्नाटक राज्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी मिल चुका है। वर्ष 2023 में उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपने 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती मनाई थी। कला क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2025 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया था।
अभिनय के साथ राजनीति में भी निभाई अहम भूमिका
सिनेमा के पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने के साथ-साथ अनंत नाग ने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वे वर्ष 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद के सम्मानित सदस्य रहे। इसके बाद वर्ष 1994 से 1999 तक वे कर्नाटक विधानसभा के सदस्य चुने गए। अपने इस राजनीतिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार में बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालीं।
क्या है दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है। इस ऐतिहासिक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी और पहली बार यह सम्मान भारतीय सिनेमा की प्रथम महिला कही जाने वाली अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था। भारतीय सिनेमा के पितामह कहे जाने वाले धुंडीराज गोविंद फाल्के की याद में दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक स्वर्ण कमल पदक, एक रेशमी शॉल और 10 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है।
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