इंदौर। एक महिला व्यापारी को फर्जी तरीके से प्रवर्तन निदेशालय, मनी लॉन्ड्रिंग, और अन्य आरोपों में फंसाकर 1.60 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को आरबीआई, सीबीआई, और पुलिस अधिकारी बताकर महिला को डराया-धमकाया और डिजिटल अरेस्ट का नाटक रचते हुए उसके बैंक अकाउंट फ्रिज करने और जेल भेजने की धमकी दी। इस मामले में महिला ने साइबर सेल और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेहर और सूरत से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने किया खुलासा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों ने जेट एयरवेज़ के मालिक नरेश गोयल का नाम लेकर महिला को धोखे में फंसाया। उन्होंने महिला की 1 करोड़ रुपये की एफडी तुड़वाकर और बाकी रकम बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर ठगी की।
गिरफ्तार आरोपी और ठगी का तरीका
मेहर से गिरफ्तार आरोपी : राकेश बंसल और उनके पिता चंद्रभान ने ठगों को बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया, जिनमें 10 लाख रुपये का लेन-देन हुआ। सूरत से गिरफ्तार आरोपी: प्रतीक और अभिषेक के अकाउंट में 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने चारों आरोपियों को रिमांड पर लिया है और मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरों की ओर इशारा करती है, जहां उच्च-स्तरीय तकनीक और डराने-धमकाने की रणनीति के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है।


