एजेंसी, मुंबई। शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव से पहले बुधवार को गठबंधन की घोषणा की, जिससे गठबंधन को लेकर महीनों से जारी अटकलों पर विराम लग गया।
राज ठाकरे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि दो दल साथ रहने के लिए एकसाथ आए हैं। राज ठाकरे ने हालांकि बीएमसी चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। राज ने कहा, ‘‘मुंबई का महापौर मराठी होगा और वह हमारा होगा।’’ उद्धव ने कहा कि दोनों पार्टियों ने नासिक नगर निगम के लिए सीट के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है जहां 15 जनवरी को चुनाव होने हैं, साथ ही मुंबई और राज्य के 27 अन्य नगर निगमों में भी चुनाव होने हैं। उद्धव ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जो हो रहा है उसे सहन न कर पाने वाले हमारे साथ आ सकते हैं।
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर भाजपा ने कसा तंज, कहा- दो परिवारवादी दल हार के डर से आ गए एक साथ
भाजपा ने बुधवार को कहा कि आगामी बीएमसी चुनावों में हार के डर से दो ‘‘परिवारवादी’’ दल एकजुट हो गए हैं। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा अपनी पार्टियों के गठबंधन की घोषणा के बाद भाजपा ने ये टिप्पणी की। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ‘‘दो परिवारवादी दल एक साथ आ गए हैं। हार के डर से उन्होंने गठबंधन कर लिया है। मुंबई की जनता राजग-भाजपा गठबंधन के तहत विकास को चुनना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि आगामी बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों में अपनी जमानत जब्त होने से बचाने के लिए वे एकजुट हुए हैं। भंडारी ने कहा, ‘‘मुंबई की जनता राजग-भाजपा के साथ है और वे विकास को ही चुनेंगे।’’ बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होंगे।
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