भोपाल : झारखंड के पास अब गहरा अवदाब का क्षेत्र बन गया है। यह इस सीजन की सबसे तीव्रतम मौसम प्रणाली है। इसके अगले 24 घंटे में आगे बढ़कर पूर्वी मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। इसके अतिरिक्त राजस्थान पर बना चक्रवात भी कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इस वजह से प्रदेश भर में वर्षा का सिलसिला जारी है।
रीवा, जबलपुर, सागर में भारी वर्षा
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। विशेषकर रीवा, शहडोल, जबलपुर एवं सागर संभाग के जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी बिहार और उत्तर-पश्चिमी झारखंड पर गहरा अवदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। दक्षिण पश्चिमी राजस्थान पर भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
राजस्थान में चक्रवात कम दबाव में बदल गया
मानसून द्रोणिका भी वर्तमान में राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर अजमेर, ग्वालियर, सीधी से गहरे अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। विशेषकर रविवार को रीवा, शहडोल एवं सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी।
कहां कितनी वर्षा
शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रीवा में 37, जबलपुर में 35, मलाजखंड में 29, मंडला में 20, सीधी में 19, दमोह में 18, सागर में 17, नौगांव में 13, धार, नर्मदापुरम में सात, शिवपुरी, रतलाम, पचमढ़ी, उमरिया एवं नरसिंहपुर में छह, बैतूल, इंदौर एवं सिवनी में पांच, छिंदवाड़ा में चार, खंडवा एवं टीकमगढ़ में तीन, सतना में 0.7, उज्जैन में 0.6, गुना में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।


