मनरेगा की जगह लेगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कानून

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एजेंसी, नई दिल्ली। मोदी सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा ) को खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने जा रही है। इसे मौजूदा शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध भी किया गया है। बिल की कॉपी सोमवार को लोकसभा सांसदों के बीच सर्कुलेट की गई है। इसका नाम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025’ रखा गया है। नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी। इधर कांग्रेस ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा। इससे पहले 12 दिसंबर को खबर आई थी कि केंद्रीय कैबिनेट ने मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना रखा है। हालांकि, सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन सामने नहीं आया था।

सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए निर्णय
बिल में लिखे हुए उद्देश्य के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार दिया, लेकिन गांवों में हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसे और मजबूत करना जरूरी है। नए कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को, जो बिना कौशल वाला काम करने को तैयार हो, हर साल 125 दिन का वेतनयुक्त रोजगार मिलेगा। इसका मकसद विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करना है।

प्रियंका गांधी ने पूछा सवाल- मनरेगा से क्यों हटाया जा रहा महात्मा गांधी का नाम, मकसद क्या है?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर नया कानून बनाने की तैयारी के बीच सोमवार को कहा कि आखिर इस योजना से महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है। उन्होंने संसद में गतिरोध को लेकर यह दावा भी किया कि ऐसा लगता है कि सरकार ही सदन नहीं चलाना चाहती। केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने संसद परिसर में कहा कि सरकार खुद संसद में व्यवधान पैदा कर रही है…मुझे लगता है कि सरकार संसद चलाना ही नहीं चाहती है। हमने संसद में प्रदूषण पर चर्चा की मांग की थी, वो चर्चा भी नहीं हो रही है।

मनरेगा के स्थान पर नया कानून बनाए जाने की सरकार की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का नाम बदला जाता है तो उसमें खर्च आता है। प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि महात्मा गांधी जी का नाम क्यों हटा रहे हैं। इनका मकसद क्या है? सरकार ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) को निरस्त करने और इस संबंध में एक नया कानून बनाने के लिए लोकसभा में विधेयक लेकर आ सकती है। नए विधेयक का नाम ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025′ होगा। विधेयक की प्रतियां लोकसभा सदस्यों को बांटी गई हैं।

मनरेगा को निरस्त करके 125 दिन के रोजगार वाला नया कानून ला सकती है सरकार
सरकार ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) को निरस्त करने और इस संबंध में एक नया कानून बनाने के लिए लोकसभा में विधेयक लेकर आ सकती है। नए विधेयक का नाम ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025′ होगा। विधेयक की प्रतियां लोकसभा सदस्यों को बांटी गई हैं। विधेयक का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप मीण विकास ढांचा स्थापित करना है, जिसके तहत अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को हर वित्त वर्ष में 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। इसका लक्ष्य सशक्तीकरण एवं विकास को बढ़ावा देकर समृद्ध और सक्षम ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।

लोकसभा की सोमवार की कार्यसूची में यह विधेयक सूचीबद्ध किया गया है। विधेयक के उद्देश्यों के कथन में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मनरेगा ने पिछले 20 साल से अधिक समय तक ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी दी है। हालांकि, सामाजिक सुरक्षा के बड़े पैमाने पर कवरेज और बड़ी सरकारी योजनाओं को पूरी तरह लागू करने से ग्रामीण इलाकों में जो बड़ा सामाजिक-आर्थिक बदलाव आया है, उसे देखते हुए इसे और मजबूत करना ज़रूरी हो गया है।
मनरेगा में जहां “आजीविका सुरक्षा बढ़ाने” पर ध्यान केंद्रित था, वहीं नए विधेयक में कहा गया है कि इसका मकसद “समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत के लिए सशक्तीकरण, विकास, तालमेल और संतृप्ति” को बढ़ावा देना है। “विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक” पर जोर देना है। विधेयक के अनुसार, खेतिहर मज़दूरों की उपलब्धता को आसान बनाना जरूरी है। संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू हुआ था, जो 19 दिसंबर को समाप्त होगा।

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