भोपाल/हरदा। नजीराबाद थाना इलाके में एक किसान ने फांसी लगा ली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि वह लगातार प्याज की खेती कर रहा था। प्याज की फसल उसके घर पर रखी थी, लेकिन उसे उचित दाम नहीं मिल रहे थे। जिससे वह तनाव में था, तो कुछ लोग उसके उधारी के रुपए भी नहीं लौटा रहे थे। वहीं हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के डगावाशंकर गांव के एक किसान ने साहूकारों का कर्जा ना चुका पाने के चलते जहर खा लिया, जिसकी शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
नजीराबाद थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कोलखेड़ी निवासी 40 वर्षीय जगन्नाथ सिलावट पेशे से किसान था। उसके पास चार एकड़ जमीन थी। परिवार में पत्नी के अलावा उसके दो बच्चे हैं। मंगलवार रात वह नशे की हालत में घर पहुंचा और अपने कमरे में सोने के लिए चला गया था। बुधवार सुबह नौ बजे उसकी पत्नी ने आवाज दी, लेकिन जगन्नाथ की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पत्नी अपने काम में जुट गई। दोपहर एक बजे तक जब जगन्नाथ कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद जगन्नाथ के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में अंदर जगन्नाथ फांसी पर लटका मिला।
यहां किसान ने खाया जहर
हरदा। जिले के सिराली थाना क्षेत्र के डगावाशंकर गांव के एक किसान ने साहूकारों का कर्जा ना चुका पाने के चलते जहर खा लिया, जिसकी शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक राजेश पिता लक्ष्मीनारायण करोड़े 44 वर्ष के पास दस एकड़ जमीन थी। लेकिन उसने साहूकारों से ब्याज पर 40 लाख का कर्ज लिया था। साहूकारों को पैसा देने के बावजूद भी वह उसके ऊपर कर्जा निकाल रहे थे। इससे परेशान होकर राजेश ने गत 7 जून को खोट से लिए खेत में जाकर सल्फास की गोलियां खा ली थीं। परिजनों ने उसे रात 8 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में उसे एक निजी अस्पताल भी ले जाया गया। लेकिन शुक्रवार सुबह उसकी तबियत बिगडऩे पर उसे फिर से जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।


