एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा चार माह तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए जारी इस सूची में प्रदेशभर में कुल 5,39,81,065 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा के मुताबिक, यह अभियान पिछले साल 27 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ था और करीब चार माह तक चला। दावे और आपत्तियां 23 दिसंबर से 22 जनवरी तक प्राप्त की गईं, जिनका सत्यापन 14 फरवरी तक कर निराकरण किया गया।
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आंकड़ों में उतार-चढ़ाव, अंत में शुद्ध बढ़ोतरी
पुनरीक्षण से पहले प्रदेश में कुल 5,74,06,143 मतदाता दर्ज थे। प्रारूप सूची जारी होने के बाद यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई थी। अंतिम सूची में 5,39,81,065 नाम शामिल किए गए, यानी प्रारूप सूची के मुकाबले 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि 27 नवंबर से अब तक की समग्र कार्यवाही में करीब 34 लाख से अधिक नाम सूची से हटाए गए, जिनमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाता शामिल रहे।
व्यापक प्रशासनिक भागीदारी
अभियान में 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों और 71,930 बीएलओ सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। घर-घर सर्वे के जरिए मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाने का प्रयास किया गया। निर्वाचन विभाग का दावा है कि इस विशेष पुनरीक्षण से मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित हुई है, जो आगामी चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।


