मध्यप्रदेश के मैहर में गैंगरेप आरोपियों के ढहाए गए मकान, महिलाओं ने हाथ जोड़ की आरजू मिन्नत

मध्‍य प्रदेश राष्ट्रीय सतना

सतना: मध्यप्रदेश के मैहर में 12 वर्ष की बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में आरोपियों के मकान बुलडोजर से ढहा दिए गए। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो महिलाएं हाथ जोड़कर आरजू मिन्नत करने लगीं। मध्यप्रदेश के मैहर में 12 वर्ष की बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में आरोपियों के मकान बुलडोजर से ढहा दिए गए। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो महिलाएं हाथ जोड़कर आरजू मिन्नत करने लगीं। महिलाओं का कहना था कि उनका बेटा वारदात के वक्त ड्यूटी पर था, उसे फंसाया जा रहा है। प्रशासन की टीम ने आज सुबह सबसे पहले आरोपी रवि कुमार का मकान ढहाया। इसके बाद आरोपी अतुल कुमार बढ़ोलिया के मकान को ढहाने का कार्य किया गया।

मौजूद रहा भारी पुलिस बल प्रशासन द्वारा आरोपियों के घरों को गिराने की कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। मौके पर एसडीएम सुरेश जाधव, एसडीओपी लोकेश डाबर, थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी, तहसीलदार जितेन्द्र पटेल, पुलिस के साथ ही मैहर नगर पालिका का अमला मौजूद था। टीम द्वारा अमले के सााथ पहुंचकर मैहर के अरकंडी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी अतुल बढ़ोलिया के परिजनों ने टीम से आरजू मिन्नत भी की। उनका कहना था कि जिस वक्त की वारदात बताई जा रही है उस दौरान उनका बेटा ड्यूटी पर था। उनका कहना था कि बेटा दोषी है तो उसे फांसी दे दी जाए किंतु पहले मामले की जांच होनी चाहिए।

दोनों आरोपी मंदिर समिति के कर्मचारी पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारी हैं। जिनको घटना के बाद मंदिर समिति द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। एसपी आशुतोष गुप्ता ने मैहर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया, जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए। यहां पर बता दें कि सतना जिले के मैहर में शुक्रवार को 12 वर्षीय बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी बच्ची को जंगल में ही छोड़ गए थे। बच्ची रीवा जिला अस्पताल में भर्ती है। पीड़िता के बयान के बाद आरोपियों की शिनाख्त भी कराई गई थी। इस घटना में शामिल आरोपी अतुल कुमार बढ़ोलिया और रवि कुमार पुलिस को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उनको जेल भेज दिया गया है।

अगर दोनों को फांसी नहीं हुई तो मैं खुद उनका गला काट दूंगा…

यह गुस्सा है 65 साल के उस बुजुर्ग का है, जिसकी 12 साल की मासूम पोती अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। मासूम की इस हालत के जिम्मेदार वो 2 हैवान हैं, जिन्होंने उसके साथ पहले गैंगरेप किया फिर उसके प्राइवेट पार्ट में 14 इंच लंबी लकड़ी डालकर जंगल में मरने के लिए छोड़ दिया। मासूम रातभर जंगल में तड़पती रही। अभी वह रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती है। 5 डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। गैंगरेप करने वाले दोनों आरोपी मैहर पुलिस की गिरफ्त में हैं, जिन्हें सरेआम फांसी पर लटकाने की मांग की जा रही है। सरकार आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की बात कही रही है। वहीं, विपक्ष लगातार महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर सरकार को इसके लिए जिम्मेदार बता रही है।

सतना नगर निगम आयुक्त राजेश शाही का तबादला : अपर कलेक्टर बना कर भेजे गए सीधी, अभिषेक गहलोत को सतना स्मार्ट सिटी की कमान
सतना| सतना नगर पालिक निगम के आयुक्त राजेश शाही का तबादला हो गया है। उन्हें सीधी भेजा गया है जबकि उनके स्थान पर इंदौर नगर निगम से अभिषेक गहलोत की सतना नगर निगम में पदस्थापना की गई है। मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग से शुक्रवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक और तबादला सूची जारी कर दी। नई सूची के अनुसार नगर पालिक निगम सतना के आयुक्त एवं सतना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ राजेश शाही का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब अपर कलेक्टर सीधी पदस्थ किया गया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के 2011 बैच के अधिकारी शाही 2021 में सतना में बतौर डिप्टी कलेक्टर भेजे गए थे। एसडीएम रघुराजनगर रहते हुए ही उनकी पदोन्नति अपर कलेक्टर सतना के पद पर हुई थी। एसडीएम एवं एडीएम सतना के बाद उन्हें 17 मई 2022 को सतना नगर निगम आयुक्त बनाया गया था। उन्हें यह जिम्मेदारी उस वक्त कमिश्नर नगर निगम रहीं आईएएस अधिकारी तन्वी हुड्डा के अपर आयुक्त वाणिज्यिक कर के तौर पर इंदौर तबादले के बाद सौंपी गई थी। तब लगभग 5 वर्ष बाद सतना नगर निगम की कमान आईएएस कमिश्नरों की बजाय राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को वापस दी गई थी। शाही ने पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव के दौरान निगमायुक्त एवं अपर कलेक्टर की दोहरी जिम्मेदारी भी निभाई। अब राजेश शाही के स्थान पर सतना नगर निगम के आयुक्त का दायित्व नगर निगम इंदौर में अपर आयुक्त अभिषेक गहलोत को सौंपी गई है। गहलोत 2012 बैच के राप्रसे अधिकारी हैं। राज्य शासन ने 20 जुलाई को गहलोत का तबादला जिला भू प्रबंधन अधिकारी के तौर पर देवास के लिए किया था। इस आदेश को संशोधित कर अब उन्हें सतना भेजा गया है। बताया जाता है कि इंदौर में उन्हें महापौर पुष्यमित्र भार्गव की नाराजगी भारी पड़ी है।

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