‘भाषा के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे’, सीएम फडणवीस ने मनसे को दी चेतावनी, एफआईआर हुई दर्ज

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एजेंसी, मुंबई| महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच मीरा-भायंदर शहर में रविवार (29 जून) की रात मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी में बात न करने पर ‘जोधपुर स्वीट्स और फरसाण’ के मालिक बाबूलाल चौधरी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मीरा-भायंदर में तनाव फ़ैल गया। घटना से नाराज व्यापारियों ने बंद का आह्वान किया और शहर में विरोध मार्च निकाला। अब इस मामले में मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि “मराठी भाषा पर गर्व करना गलत नहीं है, लेकिन उसके नाम पर गुंडागर्दी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” सीएम फडण वीस ने कहा कि “हम भी मराठी हैं और मराठी भाषा से प्रेम करते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल भाषा न बोलने की वजह से हिंसा करता है, तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर कोई मराठी व्यापारी असम जाए और उसे वहां की भाषा सीखने में वक्त लगे, तो क्या उसे वहां के लोग पीटेंगे?”

राज्य में हिंदी भाषा को लेकर जारी विवाद पर बात करते हुए फडणवीस ने शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि त्रिभाषा फॉर्मूला लाने का निर्णय खुद उद्धव ठाकरे ने लिया था। निर्णय उनकी कैबिनेट में पास हुआ, समिति उन्होंने बनाई और अब उसे लेकर राजनीति हो रही है। फडणवीस ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर एक समिति गठित की है और जो रिपोर्ट आएगी, उसी के आधार पर छात्रों के हित में आगे की कार्रवाई की जाएगी। ठाकरे भाईयों पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर सच में मराठी भाषा पर गर्व है, तो लोगों को सिखाइए, मराठी के क्लासेस चलाईए। यह कैसी विडंबना है कि अपने बच्चों को उन अंग्रेजी स्कूलों में भेजते हैं, जहां मराठी तीसरी भाषा होती है और खुद मंच पर आकर मराठी भाषा के सम्मान कि बात करते हैं।” भाषा के नाम पर हिंसा की घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि हम भारत देश में रहते है, लेकिन अंग्रेजी भाषा को अपनाते है और हिंदी का विरोध करते हैं।

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