भारत की बात पर पाकिस्तान ने लगा दी मुहर… इशाक डार बोले– इंडिया ने कभी भी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की

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एजेंसी, नई दिल्ली। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध रुकवाने के दावों की हवा निकालकर रख दी है। इसके साथ ही डार ने भारत सरकार के उस दावे को सही ठहराया है जिसमें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद मे साफ कर दिया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने में किसी देश या किसी नेता की भूमिका नहीं थी। अलजजीरा को दिए इंटरव्यू के दौरान एंकर ने उनसे पूछा था कि क्या आप संघर्ष के दौरान विवाद सुलझाने के लिए तीसरे पक्ष को शामिल करने के लिए तैयार थे? इस पर इशाक डार ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन भारत ने साफ तौर पर कहा है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। इशाक डार ने कहा कि हमने शांति वार्ता के लिए भारत से बात की थी लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया।

पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने भी ट्रंप के दावों का खंडन किया था
ट्रंप के सीजफायर वाले दावे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जवाब देते हुए कहा था कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोका था, पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बाद ही हम सीजफायर पर सहमत हुए लेकिन हमने ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं किया है, यह आगे भी जारी रहेगा जबतक कि उधर से आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता है। उन्होंने विपक्ष के उस सवाल का भी जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत को किसी भी देश का समर्थन नहीं मिला था। इसपर पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में केवल तीन देशों ने पाकिस्तान के पक्ष में बात की थी। वहीं राजनाथ सिंह ने भी संसद में बोलते हुए कहा था कि मैं एक बार फिर से कह रहा हूं कि सीजफायर में किसी तीसरे देश या नेता का हस्तक्षेप नहीं था। हमने उद्देश्य प्राप्ति और पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बाद सीजफायर का निर्णय लिया था।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ट्रंप के दावे को खारिज किया था
अमेरिका में क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने गए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में साफ-साफ कहा था कि युद्धविराम पूरी तरह से द्विपक्षीय था। इसमें किसी अन्य देश का हस्तक्षेप नहीं था। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के दौरान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और कहा था कि पाकिस्तान ने बड़े अंजाम भुगतने की धमकी दी है, इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ-साफ कहा था कि भारत पाकिस्तान की धमकियों से डरने वाला नहीं है।

विदेश सचिव ने भी ट्रंप के दावों का खंडन किया था
इससे पहले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा था कि पीएम मोदी ने ट्रंप से स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम द्विपक्षीय था और किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप से नहीं हुआ है। विक्रम मिसरी ने यह भी कहा था कि पीएम मोदी ने ट्रंप से कहा था कि युद्धविराम के लिए अमेरिका से ट्रेड को लेकर कोई बात नहीं हुई थी।

वायु सेना ने भी किया था ट्रंप के दावों का खंडन
वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम, हवाई प्रभुत्व चरण के सफल समापन के बाद भारत द्वारा लिया गया एकतरफा निर्णय था। इसमें किसी तीसरे देश ने हस्तक्षेप नहीं किया था। यह भारत के स्थापित सैन्य सिद्धांत के अनुरूप है, जैसा कि 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट हवाई हमलों में देखा गया था, जहाँ सैन्य उद्देश्यों की प्राप्ति के बाद नई दिल्ली की शर्तों पर संघर्ष समाप्त कर दिए जाते थे।

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